Hazaribagh : आईसेक्ट विश्वविद्यालय में शनिवार को “आईटी उद्योग में विभिन्न तकनीकें और संभावनाएँ” विषय पर एकदिवसीय सेमिनार का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के मुख्य वक्ता श्रीकांत कुमार मोहापात्रा रहे, जो टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज में क्लाउड सर्विसेज और डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन के डिलीवरी हेड हैं।
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सेमिनार में श्री कुमार ने क्लाउड डिलीवरी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, मशीन लर्निंग और इंटरनेट ऑफ थिंग्स जैसी नवीनतम तकनीकों पर चर्चा की। उन्होंने बताया कि कैसे ये तकनीकें आज व्यवसायों को अधिक स्मार्ट और प्रतिस्पर्धी बना रही हैं। क्लाउड टेक्नोलॉजी के जरिए कंपनियां अपने डाटा को सुरक्षित रखती हैं और संचालन में तेजी लाती हैं।
श्री मोहापात्रा ने ग्राहक संचार की महत्ता को रेखांकित करते हुए कहा कि ग्राहकों से सही संवाद बनाए रखना हर व्यवसाय के लिए आवश्यक है। साथ ही उन्होंने उद्यमिता के महत्व पर भी बल दिया और छात्रों को इस दिशा में अपने कौशल को निखारने के लिए प्रेरित किया।
डेटा एनालिटिक्स पर बोलते हुए उन्होंने बताया कि किस तरह बड़े डाटा का विश्लेषण व्यवसायों को नई रणनीति बनाने और विकास के अवसर पहचानने में मदद कर रहा है।
उन्होंने बताया कि आज तकनीक का प्रभाव केवल सेवा क्षेत्र तक सीमित नहीं है, बल्कि विनिर्माण क्षेत्र में भी बड़े परिवर्तन ला रहा है।
मौके पर विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ पीके नायक ने कहा कि तकनीक के इस युग में छात्रों को नयी आईटी तकनीकों से सुसज्जित होना बेहद जरूरी है। विश्वविद्यालय का उद्देश्य छात्रों को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाना है। वहीं कुलसचिव डॉ मुनीष गोविंद ने कहा कि विश्वविद्यालय का प्रयास है कि ऐसे कार्यक्रमों के माध्यम से छात्रों को इंडस्ट्री के वर्तमान ट्रेंड्स से जोड़ने का अवसर मिले। आने वाले समय में ऐसे और भी सेमिनार आयोजित किए जाएंगे।
सेमिनार में डीन एडमिन डॉ एसआर रथ, सीएस एंड आईटी डीन उदय रंजन, एचओडी रविकांत, तबरेज आलम, प्रभात कुमार, रोहित लाल, राहुल कुमार, मैनेजमेंट एचओडी डॉ विनय पंजिरयार, एआर अमित कुमार, राजेश कुमार सहित अन्य प्राध्यापक -प्रध्यापिकाओं व कर्मियों के साथ साथ बड़ी संख्या में विद्यार्थी मौजूद थे।



