- जंगल में गोलियों की तड़तड़ाहट, पराक्रम की मिसाल बनी पुलिस
Palamu /Ranchi : पलामू पुलिस ने नक्सल विरोधी अभियान में बड़ी सफलता हासिल करते हुए प्रतिबंधित उग्रवादी संगठन TSPC के ज़ोनल कमांडर शशिकांत (₹10 लाख का इनामी) तथा उसके दस्ता सदस्यों के मंसूबों पर पानी फेर दिया। पुलिस ने SLR राइफल का मैगजीन, ज़िंदा कारतूस और दैनिक उपयोग की सामग्रियाँ बरामद की हैं। हालांकि घने जंगल और ऊँचे पहाड़ी इलाके का लाभ उठाकर उग्रवादी मौके से फरार हो गए।
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गुप्त सूचना से लेकर भीषण मुठभेड़ तक का रोमांचक घटनाक्रम:
15 मई , रात 08:30 बजे पुलिस अधीक्षक पलामू को सूचना मिली कि शशिकांत अपने दस्ते के साथ थाना मनातू अंतर्गत ग्राम जसपुर के जंगल में किसी बड़ी वारदात की साजिश रच रहा है। तत्पश्चात अपर पुलिस अधीक्षक अभियान राकेश कुमार सिंह, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी हुसैनाबाद मो. याकुब, प्रशिक्षु डीएसपी राजेश कुमार यादव, JAP-STF, थानाध्यक्षों व सशस्त्र बलों की संयुक्त टीम गठित कर रात 11:30 बजे अभियान के लिए रवाना हुई।
16 मई को सुबह 02:30 बजे जसपुर जंगल में छापेमारी शुरू की गई। अगली सुबह 17 मई को 05:00 बजे इनपुट मिला कि उग्रवादी ग्राम बसकटिया के जंगल में छिपे हुए हैं। विशेष दल ने तेजी से रणनीति बदली और संयुक्त टीम को मौके पर भेजा गया।
मुठभेड़: गोलियों की आवाज से गूंजा जंगल
सुबह 08:00 बजे टीम जब बसकटिया जंगल में पहुंची, तो घने जंगल और ऊँचे पहाड़ों के बीच छिपे उग्रवादियों ने पुलिस पर अंधाधुंध गोलीबारी शुरू कर दी। पुलिस ने उन्हें आत्मसमर्पण के कई अवसर दिए, पर गोलियों की बौछार जारी रही। जवाबी फायरिंग करते हुए पुलिस बल ने बहादुरी से मोर्चा संभाला। दबाव के चलते उग्रवादी जंगल की ओट लेकर भाग निकले।
घटनास्थल से बरामद सामग्री:
दैनिक उपयोग की खाद्य सामग्री
दैनंदिन वस्तुएँ SLR राइफल का एक मैगजीन (7.62 MM के 09 जिंदा कारतूस सहित) रायफल
पुलिस का संकल्प: नहीं बख्शे जाएँगे विध्वंसकारी तत्व
पलामू पुलिस की यह कार्रवाई यह सिद्ध करती है कि नक्सलवाद के खिलाफ जारी जंग अब निर्णायक मोड़ पर है। जिला पुलिस ने भरोसा दिलाया है कि इलाके से उग्रवादियों का समूल नाश किया जाएगा।

