सरस्वती शिशु विद्या मंदिर, धुर्वा में आचार्य प्रशिक्षण वर्ग सह कार्यशाला का आयोजन

WhatsApp Group जुड़ने के लिए क्लिक करें 👉 Join Now Ranchi : सरस्वती शिशु विद्या मंदिर, धुर्वा, रांची में चल रहे छह दिवसीय आचार्य प्रशिक्षण वर्ग सह कार्यशाला के दूसरे दिन का आयोजन गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ। रविवार को आयोजित सत्र का शुभारंभ दीप

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Ranchi : सरस्वती शिशु विद्या मंदिर, धुर्वा, रांची में चल रहे छह दिवसीय आचार्य प्रशिक्षण वर्ग सह कार्यशाला के दूसरे दिन का आयोजन गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ। रविवार को आयोजित सत्र का शुभारंभ दीप प्रज्वलन, पुष्पार्चन एवं सरस्वती वंदना के साथ हुआ। कार्यक्रम की शुरुआत माध्यमिक खंड के आचार्य राजकुमार मिश्रा द्वारा प्रस्तुत एकल गीत “चंदन है इस देश की माटी” की मनमोहक प्रस्तुति से हुई, जिसने उपस्थितजनों को राष्ट्रप्रेम की भावना से ओतप्रोत कर दिया। इसके पश्चात वैचारिक सत्र में शिशु विकास मंदिर समिति के शिक्षण व्यवस्था प्रमुख अमरकांत झा ने “कक्षा-कक्ष प्रबंधन” विषय पर सारगर्भित सुझाव प्रस्तुत किए। उन्होंने बताया कि आज की शिक्षा प्रणाली में गतिविधि आधारित शिक्षण आवश्यक है तथा शिक्षकों को नवाचारी शिक्षण विधियों को अपनाना चाहिए। उन्होंने जोर देकर कहा कि शिक्षक का कार्य केवल जानकारी देना ही नहीं, बल्कि विद्यार्थियों की जिज्ञासाओं का समाधान कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाना भी है।

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सरस्वती शिशु विद्या मंदिर, धुर्वा में आचार्य प्रशिक्षण वर्ग सह कार्यशाला का आयोजन
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सत्र के दौरान एक चर्चा कार्यक्रम का आयोजन भी किया गया जिसका विषय था “अभिभावकों में शिक्षा एवं शिक्षक के प्रति जागरूकता”। इसमें सभी आचार्यों ने सहभागिता कर अपने अनुभव एवं सुझाव साझा किए। सत्र के प्रवक्ता ने विषय पर विस्तार से प्रकाश डाला और चर्चा को सारगर्भित दिशा प्रदान की। प्रशिक्षण वर्ग में विभिन्न आचार्यों द्वारा आदर्श कक्षा का संचालन भी किया गया, जिसमें शिक्षकों ने पाठ योजनाएं तैयार कर विभिन्न शिक्षण विधियों का प्रयोग करते हुए प्रभावी शिक्षण प्रस्तुत किया।

दिन का अंतिम सत्र शारीरिक एवं मानसिक विकास की दिशा में समर्पित रहा। इसमें सभी आचार्यों को योग, प्राणायाम, विभिन्न आसन एवं खेलों का अभ्यास कराया गया। इस अवसर पर शिशु विकास मंदिर समिति के सदस्य अमरकांत झा, लाल अशोक नाथ शाहदेव, नर्मदेश्वर मिश्र, विद्यालय के प्राचार्य ललन कुमार, उपप्राचार्या मीना कुमारी सहित सभी आचार्य एवं दीदी जी उपस्थित रहीं।

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