Ranchi : झारखंड की सांस्कृतिक धरोहर और ठेठ नागपुरी लोक संगीत को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने वाले महावीर नायक को पद्म श्री सम्मान से नवाजा गया है। यह सम्मान उन्हें भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू द्वारा प्रदान किया गया। इस प्रतिष्ठित नागरिक सम्मान ने न सिर्फ महावीर नायक का, बल्कि पूरे झारखंड का सिर गर्व से ऊँचा कर दिया है।
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महावीर नायक, जिन्हें झारखंड में “भिनसरिया राग के सम्राट” के नाम से जाना जाता है, वर्षों से नागपुरी संगीत को संजोते और संवारते आ रहे हैं। उन्होंने अपने गायन और संगीत साधना से झारखंड की लोक परंपराओं को जीवित रखा और उसे देश-दुनिया में नई पहचान दिलाई। उनकी यह उपलब्धि झारखंड के लिए गौरव का विषय बन गई है।
जब महावीर नायक रांची स्थित बिरसा मुंडा एयरपोर्ट पहुंचे, तो वहां का नजारा बेहद भावुक और गर्व से भरा हुआ था। पूरे नायक समाज और नागपुरी संस्कृति प्रेमियों ने ढोल-नगाड़ों और पारंपरिक नृत्य के साथ उनका भव्य स्वागत किया। जयघोषों से माहौल गूंज उठा और चारों ओर खुशी की लहर दौड़ गई।
स्वागत के इस ऐतिहासिक पल में घासी (नायक) युवा कल्याण समिति के कई प्रमुख पदाधिकारी मौजूद रहे। समिति के प्रदेश अध्यक्ष संदीप टाइगर नायक, कार्यकारी अध्यक्ष मुकेश नायक और अन्य सदस्यों जैसे विजय शंकर नायक, अनिल नायक, अशिष नायक, संजय नायक, सूरज नायक, पिंटु नायक, सकलू नायक सहित सैकड़ों की संख्या में लोग शामिल हुए।
इस अवसर पर मुकेश नायक ने कहा, “महावीर नायक पूरे झारखंड के लिए गौरव हैं। उनका यह सम्मान, ठेठ नागपुरी संगीत को राष्ट्रीय मंच देने का प्रतीक है। यह हम सभी के लिए प्रेरणादायक है।”
महावीर नायक का यह सम्मान केवल एक व्यक्ति की उपलब्धि नहीं है, बल्कि यह झारखंड की सांस्कृतिक पहचान और मिट्टी से निकली लोक स्वरधारा का राष्ट्रीय सम्मान है। उनके सुरों की गूंज आज झारखंड की सीमाओं को पार करते हुए पूरे भारतवर्ष में गूंज रही है।


