Ranchi: झारखंड की धरती वीरों की जननी रही है और अब यह धरती विकास की मिसाल बनने जा रही है। बिरसा कृषि विश्वविद्यालय (बीएयू) ने झारखंड के स्वतंत्रता सेनानियों के गांवों को आदर्श ग्राम के रूप में विकसित करने की एक सराहनीय पहल की है। इस अभियान का शुभारंभ चान्हो प्रखंड के ऐतिहासिक गांव सिलगाई से हुआ, जो शहीद वीर बुधु भगत की जन्मस्थली है।
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कार्यक्रम की शुरुआत वीर बुधु भगत की प्रतिमा पर माल्यार्पण और वृक्षारोपण के साथ हुई, जिससे कार्यक्रम को एक संवेदनशील और प्रेरक प्रारंभ मिला। इस अवसर पर बीएयू के कुलपति डॉ. एससी दुबे के नेतृत्व में वैज्ञानिकों की एक टीम गांव में पहुंची और वहां के किसानों के साथ संवाद स्थापित किया।
किसान-वैज्ञानिक संवाद सत्र में करीब 100 से अधिक किसानों ने भाग लिया, जहां उन्हें आधुनिक कृषि तकनीकों, फसल विविधीकरण, जैविक खेती, और सरकारी योजनाओं की जानकारी दी गई। वैज्ञानिकों ने ग्रामीणों को बताया कि खेती अब सिर्फ परंपरा नहीं, बल्कि तकनीकी ज्ञान और नवाचार से जुड़ी एक समृद्धि का माध्यम बन चुकी है।
कुलपति डॉ. दुबे ने बताया कि विश्वविद्यालय गांव का समग्र सर्वे करेगा और उसकी तीन वर्षीय विकास योजना तैयार की जाएगी, जिसमें कृषि, पशुपालन, बागवानी, जल संरक्षण, और प्रशिक्षण केंद्रों की स्थापना को प्राथमिकता दी जाएगी। उन्होंने कहा कि यह पहल न केवल वीर सपूतों को श्रद्धांजलि है, बल्कि गांवों की सतत् कृषि प्रगति की दिशा में एक दृढ़ कदम भी है।
इस अभियान में बीएयू की टीम के साथ-साथ गांव के प्रतिनिधियों, महिलाओं और विद्यार्थियों ने भी बढ़-चढ़कर भाग लिया। गांव के युवाओं में इस अभियान को लेकर नया जोश देखा गया।
बीएयू की यह पहल आने वाले समय में झारखंड के अन्य वीरगांवों को भी विकास की मुख्यधारा से जोड़ने में मील का पत्थर साबित हो सकती है।


