Ranchi: झारखंड की राजधानी स्थित नेशनल यूनिवर्सिटी ऑफ स्टडी एंड रिसर्च इन लॉ (NUSRL), रांची को एक ऐतिहासिक उपलब्धि मिली है। विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. (डॉ.) अशोक आर. पाटिल को इंडियन अचीवर्स अवार्ड 2025 से सम्मानित किया गया है। यह पुरस्कार उन्हें विधि शिक्षा, उपभोक्ता अधिकारों और न्यायिक सुधार में उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए इंडियन अचीवर्स फोरम द्वारा प्रदान किया गया।
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प्रो. पाटिल ने अपने कार्यकाल में NUSRL को केवल एक शैक्षणिक संस्था के रूप में नहीं, बल्कि एक प्रभावशाली विधिक अनुसंधान केंद्र के रूप में स्थापित किया है। उन्होंने विश्वविद्यालय में OCMC (ऑनलाइन कंज्यूमर मेडिएशन सेंटर), IPR चेयर, कंज्यूमर चेयर, और अनेक अनुसंधान केंद्रों की नींव रखी है, जिससे विश्वविद्यालय को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिली है।
उनके नेतृत्व में विश्वविद्यालय की NIRF रैंकिंग में भी उल्लेखनीय सुधार हुआ है। उन्होंने छात्रों को क्लीनिकल लीगल एजुकेशन से जोड़ते हुए उन्हें व्यावहारिक कानूनी प्रशिक्षण देने की दिशा में भी अहम कार्य किया है।
पुरस्कार प्राप्ति पर प्रतिक्रिया देते हुए डॉ. पाटिल ने कहा, “यह सम्मान मेरी व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं, बल्कि हमारी टीम की मेहनत और समर्पण का परिणाम है। कानून समाज परिवर्तन का सशक्त माध्यम है और NUSRL उसी दिशा में कार्यरत है।”
यह पुरस्कार सिर्फ एक व्यक्ति के योगदान की सराहना नहीं, बल्कि झारखंड के शैक्षणिक क्षेत्र की उपलब्धियों को भी राष्ट्रीय पटल पर पहचान दिलाने वाला कदम है। इससे NUSRL के छात्रों और संकाय सदस्यों में भी नया उत्साह और प्रेरणा जागृत हुई है।
प्रो. पाटिल की इस सफलता ने यह सिद्ध कर दिया है कि समर्पण, नेतृत्व और नवाचार से किसी भी संस्था को शिखर तक पहुंचाया जा सकता है। आने वाले वर्षों में NUSRL रांची से विधिक शिक्षा और शोध में और भी बड़े कीर्तिमान स्थापित होने की उम्मीद की जा रही है।



