Ranchi : रांची के बुढ़मू प्रखंड में बिजली विभाग की लापरवाही एक बार फिर सामने आई है। उमेदांडा-बुढ़मू मुख्य सड़क पर सोसई के पास बड़का मुरू और ईचापीडी की ओर जाने वाला 11 हजार वोल्ट का हाईटेंशन पोल तेज बारिश के चलते गिर गया। गनीमत रही कि कोई जानमाल का नुकसान नहीं हुआ, लेकिन घटना ने एक बार फिर ग्रामीण इलाकों में बिजली व्यवस्था की पोल खोल दी।
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बारिश के चलते इलाका जलजमाव से भर गया और गिरे हुए बिजली के तार पानी में तैरते रहे। इससे ग्रामीणों में दहशत फैल गई। लोगों ने बताया कि कुछ देर को ऐसा लगा जैसे हर कदम मौत के साए में है। बच्चों को घरों से बाहर निकलने नहीं दिया गया।
तीन गांवों में तीन दिन से बिजली गुल:
इस घटना के बाद बड़का मुरू, ईचापीडी और आसपास के गांवों में तीन दिन से बिजली पूरी तरह से ठप है। करीब 5,000 लोग अंधेरे में जीने को मजबूर हैं। बिजली कटते ही मोबाइल चार्जिंग, स्कूल की पढ़ाई और पेयजल आपूर्ति भी प्रभावित हो गई है।
मरम्मत के आदेश सिर्फ फाइलों में:
ग्रामीणों ने बताया कि मानसून से पहले विभाग को बार-बार सूचना दी गई थी कि पोल झुके हुए हैं और कभी भी गिर सकते हैं। विभाग ने मरम्मत के आदेश तो जारी किए लेकिन ज़मीनी हकीकत नहीं बदली।
गांवों में गूंजा आक्रोश:
ग्रामीणों का कहना है कि हमने पहले ही चेताया था, लेकिन किसी ने ध्यान नहीं दिया। अब जब हादसा होते-होते टला है, तब भी कोई जिम्मेदार सामने नहीं आ रहा। लोग बिजली विभाग की जवाबदेही तय करने की मांग कर रहे हैं।
क्या हादसे के बाद ही जागेगा सिस्टम?
प्रशासन और बिजली विभाग की यह उदासीनता अब सवालों के घेरे में है। क्या सिस्टम को चलाने वालों को किसी बड़े हादसे का इंतजार है? क्या ग्रामीणों की सुरक्षा सिर्फ कागज़ों की रिपोर्ट तक सीमित रह गई है?
अब देखना है कि बिजली विभाग चेतता है या फिर ग्रामीण इसी तरह अंधेरे और डर में जीते रहेंगे।



