गंगा का कहर, खतरे के निशान से ऊपर जलस्तर

Baliya : जिले में गंगा का जलस्तर लगातार बढ़ता जा रहा है, जिससे तटवर्ती इलाकों में कटान और तबाही की स्थिति बन गई है। बैरिया तहसील के नौरंगा और भुवाल छपरा गांवों में गंगा की उफनती लहरों ने अब तक कई घरों को अपनी चपेट

गंगा का कहर, खतरे के निशान से ऊपर जलस्तर
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Baliya : जिले में गंगा का जलस्तर लगातार बढ़ता जा रहा है, जिससे तटवर्ती इलाकों में कटान और तबाही की स्थिति बन गई है। बैरिया तहसील के नौरंगा और भुवाल छपरा गांवों में गंगा की उफनती लहरों ने अब तक कई घरों को अपनी चपेट में ले लिया है। ग्रामीण भयभीत होकर अपने आशियाने खुद ही उजाड़कर सुरक्षित स्थानों की ओर पलायन कर रहे हैं।

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केंद्रीय बाढ़ नियंत्रण कक्ष की रिपोर्ट के अनुसार, बलिया में गायघाट के पास गंगा नदी का जलस्तर सोमवार शाम को खतरे के निशान 57.615 मीटर को पार कर 59.91 मीटर तक पहुंच गया। मंगलवार सुबह गेज नापा गया, तो जलस्तर में मामूली गिरावट जरूर देखी गई, लेकिन स्थिति अभी भी गंभीर बनी हुई है।

बैरिया तहसील के दुबेछपरा और केहरपुर गांवों में बाढ़ के हालात बेहद चिंताजनक हैं। नौरंगा गांव के पूर्व प्रधान राजमंगल ठाकुर ने बताया कि गंगा नदी ने विकराल रूप धारण कर लिया है और लोगों में भारी दहशत है। कई परिवार अपने घर खुद तोड़कर सामान सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा चुके हैं।

स्थिति की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह ने पूरे प्रशासन को अलर्ट मोड पर रहने के निर्देश दिए हैं। एसडीएम बैरिया के नेतृत्व में एक कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है, जहां 24 घंटे दो शिफ्टों में कर्मचारी तैनात किए गए हैं।

ग्रामीणों का कहना है कि सरकारी सहायता का इंतजार करने की बजाय वे खुद ही अपने परिवारों और सामान को बचाने में लगे हैं। कटान की तेज रफ्तार से नदी किनारे बसे परिवारों की रातें भय के साये में गुजर रही हैं।

अगर गंगा का जलस्तर इसी तरह बढ़ता रहा, तो आने वाले दिनों में ज्यादा तबाही की आशंका है। प्रशासन ने प्रभावित इलाकों में लगातार निगरानी रखने और आवश्यक राहत सामग्री की व्यवस्था करने की बात कही है।

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