New Delhi : सर्दियों के मौसम में रोज सुबह खाली पेट अलसी के बीज का सेवन करने से शरीर को प्राकृतिक गर्माहट मिलती है और यह कई गंभीर बीमारियों से बचाने में मददगार माना जाता है। अलसी को ओमेगा-3 फैटी एसिड, फाइबर, प्रोटीन और जरूरी मिनरल्स का समृद्ध स्रोत कहा जाता है, जो संपूर्ण स्वास्थ्य को बेहतर बनाने में अहम भूमिका निभाते हैं।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक, अलसी का नियमित सेवन करने से इम्यून सिस्टम मजबूत होता है, जिससे सर्दी-जुकाम, खांसी और मौसमी संक्रमणों से राहत मिल सकती है। इसमें मौजूद फाइबर पाचन तंत्र को दुरुस्त रखने में सहायक होता है, जिससे कब्ज, गैस और पेट से जुड़ी समस्याएं कम हो सकती हैं।
अलसी में पाए जाने वाले प्राकृतिक एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण जोड़ों और मांसपेशियों के दर्द में आराम पहुंचाने में मदद करते हैं। यही वजह है कि गठिया और जोड़ों की जकड़न से परेशान लोगों के लिए इसे लाभकारी माना जाता है। इसके अलावा अलसी दिल की सेहत के लिए भी फायदेमंद है, क्योंकि यह खराब कोलेस्ट्रॉल (LDL) को नियंत्रित करने में सहायक होती है और हृदय रोगों के खतरे को कम कर सकती है।
गृह विज्ञान विशेषज्ञों के अनुसार, अलसी में विटामिन B1, मैंगनीज, कॉपर, जिंक और ओमेगा-3 फैटी एसिड भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं। संतुलित मात्रा में इसके सेवन से हाई ब्लड प्रेशर, एनीमिया और जोड़ों के दर्द जैसी समस्याओं में भी लाभ मिल सकता है। अलसी में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट शरीर की कोशिकाओं को नुकसान से बचाते हैं और रोगों से लड़ने की क्षमता बढ़ाते हैं।
हालांकि विशेषज्ञ यह भी सलाह देते हैं कि किसी गंभीर बीमारी की स्थिति में अलसी को केवल सहायक आहार के रूप में ही लिया जाए और इलाज के लिए डॉक्टर की सलाह को ही प्राथमिकता दी जाए।
अलसी का सेवन कैसे करें:
अलसी को हल्का भूनकर पीसकर गर्म पानी के साथ सुबह खाली पेट लिया जा सकता है। इसे गेहूं के आटे में मिलाकर रोटी बनाई जा सकती है या दही और सलाद पर छिड़ककर भी उपयोग किया जा सकता है। सर्दियों में अलसी के लड्डू भी खूब पसंद किए जाते हैं। अगर लड्डू गेहूं और अलसी दोनों से बने हों तो दिन में दो लड्डू, जबकि केवल अलसी के आटे से बने लड्डू एक दिन में एक ही पर्याप्त माने जाते हैं।



