Bokaro : झारखंड के बोकारो जिले में एक दर्दनाक घटना सामने आई है, जिसने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया। हरला थाना क्षेत्र के सेक्टर-9, स्ट्रीट-5 में एक ही परिवार के तीन सदस्यों की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत से सनसनी फैल गई। बुधवार दोपहर करीब दो बजे पुलिस ने बीएसएल की जमीन पर बने एक अवैध कमरे से पति-पत्नी और उनके मासूम बेटे का शव बरामद किया।
मृतकों की पहचान 38 वर्षीय कुंदन तिवारी, उनकी 32 वर्षीय पत्नी रेखा कुमारी और दो वर्षीय बेटे रेयांश कुमार के रूप में हुई है।
बोकारो पुलिस के अनुसार, कुंदन और रेखा का शव फंदे से लटका हुआ पाया गया, जबकि मासूम रेयांश का शव कमरे के अंदर बेड पर पड़ा मिला। सूचना मिलने पर पुलिस ने कमरे का दरवाजा तोड़कर तीनों शवों को कब्जे में लिया और जांच शुरू की।
घटना की जानकारी मिलते ही सिटी डीएसपी आलोक रंजन और इंस्पेक्टर सुदामा दास मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। हरला थाना प्रभारी खुर्शीद आलम ने बताया कि कुंदन तिवारी मूल रूप से बांका जिले के अमरपुर कामदेवपुर का निवासी था। उसने वर्ष 2002 में तुपकाडीह निवासी रेखा कुमारी से प्रेम विवाह किया था।
दंपती अपने बेटे के साथ पिछले एक साल से परमेश्वर नामक व्यक्ति द्वारा बनाए गए कमरे में किराये पर रह रहे थे। पुलिस की प्रारंभिक जांच में मामला कर्ज के दबाव में आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है, हालांकि सभी बिंदुओं पर गहन जांच की जा रही है। मामले की गंभीरता को देखते हुए तीनों शवों का पोस्टमार्टम मेडिकल बोर्ड से कराया जाएगा।
इधर, मृतका रेखा कुमारी के माता-पिता जितनी देवी और राजन महतो ने मकान मालिक पर हत्या का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि आर्थिक लेन-देन को लेकर मकान मालिक द्वारा दंपती को लगातार धमकाया जा रहा था और कुछ दिन पहले उन्हें बंधक भी बनाया गया था।
वहीं, मकान मालिक ने इन सभी आरोपों को निराधार बताते हुए खारिज किया है। उसका दावा है कि कुंदन तिवारी ने नौकरी लगवाने के नाम पर उससे 13 लाख रुपये लिए थे, जो वापस नहीं किए गए। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के बाद ही पूरे मामले की सच्चाई सामने आ सकेगी।



