कड़ाके की ठंड में सड़कों पर उतरकर दिखाया मानवीय संवेदनशीलता का उदाहरण
Ranchi : कड़ाके की ठंड और सर्द हवाओं के बीच, जब पूरा शहर अपने घरों में दुबका हुआ था, तब मंजूनाथ भजन्त्री, उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी, ठंड से जूझ रहे जरूरतमंदों की पीड़ा समझने और उन्हें राहत पहुंचाने के लिए स्वयं सड़कों पर उतरे।
शुक्रवार की रात खुले आसमान के नीचे जीवन गुजारने को मजबूर लोगों के लिए यह पहल किसी उम्मीद की किरण से कम नहीं रही। कर्बला चौक और रांची रेलवे स्टेशन परिसर में उपायुक्त ने स्वयं उपस्थित होकर बेसहारा, वृद्ध, महिलाओं एवं अन्य जरूरतमंद लोगों के बीच मुलायम और गुणवत्ता-पूर्ण कंबलों का वितरण किया।
कंबल पाकर जरूरतमंदों के चेहरों पर दिखा सुकून और राहत इस मानवीय प्रयास की सार्थकता को साफ तौर पर बयां कर रहा था। कई लोगों की आंखों में संतोष और कृतज्ञता के भाव नजर आए। लाभार्थियों ने राज्य सरकार और जिला प्रशासन का हृदय से आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस भीषण ठंड में मिली यह मदद उनके लिए किसी वरदान से कम नहीं है।
इस अवसर पर उपायुक्त मंजूनाथ भजन्त्री ने कहा कि ठंड से बचाव केवल प्रशासनिक दायित्व नहीं, बल्कि मानवीय जिम्मेदारी भी है। उन्होंने कहा, “हमारा प्रयास है कि कोई भी व्यक्ति ठंड के कारण पीड़ा न सहे। समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक सरकार की संवेदना पहुंचे, यही जिला प्रशासन की प्राथमिकता है।”
जिला प्रशासन की ओर से ठंड के मौसम में लगातार कंबल वितरण अभियान चलाया जा रहा है, ताकि जरूरतमंदों को समय पर राहत मिल सके। यह पहल न सिर्फ सहायता का माध्यम है, बल्कि सरकार और प्रशासन की संवेदनशील सोच और मानवीय दृष्टिकोण का जीवंत उदाहरण भी है।



