New Delhi : भारतीय रसोई में इस्तेमाल होने वाला अदरक सिर्फ स्वाद ही नहीं बढ़ाता, बल्कि सेहत के लिए भी बेहद फायदेमंद माना जाता है। इसमें मौजूद एंटी-इंफ्लेमेटरी और एंटीऑक्सीडेंट गुण गले, पाचन तंत्र और सांस से जुड़ी कई समस्याओं में राहत देने में मदद करते हैं। डाइटिशियन के अनुसार, यदि कोई व्यक्ति रोजाना 60 दिनों तक अदरक का एक छोटा टुकड़ा चबाता है, तो इससे शरीर पर कई सकारात्मक असर देखने को मिल सकते हैं।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, ठाणे की एक चीफ डाइटिशियन का कहना है कि रोज थोड़ी मात्रा में अदरक का सेवन करने से गले की जलन कम होती है, सांस की नलियां रिलैक्स होती हैं और डाइजेशन व ब्लड सर्कुलेशन बेहतर होता है। अदरक कोई ऐसी दवा नहीं है जो तुरंत फेफड़ों को खोल दे, लेकिन यह धीरे-धीरे असर दिखाता है।
सांस और गले की परेशानी में कैसे मदद करता है अदरक
डाइटिशियन के अनुसार, अदरक गले की जकड़न को कम करने में मदद करता है। यह ठंड या प्रदूषण के कारण होने वाली हल्की सांस की परेशानी में राहत देता है और बलगम को ढीला करता है, जिससे उसे बाहर निकालना आसान हो जाता है। हालांकि, अस्थमा या सीओपीडी जैसी गंभीर बीमारियों में अदरक सिर्फ सपोर्टिव भूमिका निभाता है, इसे इलाज का विकल्प नहीं माना जा सकता।
कितनी मात्रा है सुरक्षित
विशेषज्ञों का कहना है कि ज्यादातर लोगों के लिए रोजाना थोड़ा अदरक खाना सुरक्षित होता है, लेकिन अधिक मात्रा में सेवन करने से मुंह में जलन, एसिडिटी या गैस की समस्या हो सकती है। अदरक खून को थोड़ा पतला करने का भी काम करता है।
किन लोगों को सावधानी बरतनी चाहिए
जो लोग ब्लड थिनर दवाएं लेते हैं या जिन्हें एसिड रिफ्लक्स, गैस्ट्राइटिस जैसी समस्या है, उन्हें अदरक का नियमित सेवन शुरू करने से पहले डॉक्टर से सलाह जरूर लेनी चाहिए।
सेवन का सही तरीका
डाइटिशियन के मुताबिक, अंगूठे के बराबर अदरक का एक छोटा टुकड़ा या 2–3 पतले स्लाइस पर्याप्त होते हैं। अगर कच्चा अदरक चबाने से सीने में जलन महसूस हो, तो इसकी मात्रा कम करें या अदरक को गुनगुने पानी में उबालकर या डालकर पीना बेहतर विकल्प हो सकता है।

