महाशिवरात्रि पर 300 साल बाद बन रहे पांच दुर्लभ योग

इस साल महाशिवरात्रि पर पिछले 300 वर्षों के बाद विशेष संयोग बनने जा रहा है। भगवान शिव के विवाह का पावन पर्व इस बार भक्तों को समृद्धि और हर प्रकार के कष्टों से मुक्ति दिलाने वाला होगा। आचार्य पंडित चेतन पांडेय के अनुसार, महाशिवरात्रि के

महाशिवरात्रि पर 300 साल बाद बन रहे पांच दुर्लभ योग
Advertisement

इस साल महाशिवरात्रि पर पिछले 300 वर्षों के बाद विशेष संयोग बनने जा रहा है। भगवान शिव के विवाह का पावन पर्व इस बार भक्तों को समृद्धि और हर प्रकार के कष्टों से मुक्ति दिलाने वाला होगा।

आचार्य पंडित चेतन पांडेय के अनुसार, महाशिवरात्रि के मौके पर इस वर्ष लगभग पांच दुर्लभ राजयोग बन रहे हैं। इनमें बुध और शुक्र लक्ष्मी नारायण राजयोग, बुध और सूर्य बुधादित्य राजयोग, सूर्य और शुक्र से शुक्रादित्य योग शामिल हैं। इसके अलावा कुंभ राशि में सूर्य, बुध, शुक्र, शनि और राहु पंचग्रही राजयोग बना रहे हैं। साथ ही श्रवण नक्षत्र, जय योग और सर्वार्थसिद्धि योग में शिव उपासना का विशेष महत्व है।

ये सभी शुभ योग एक साथ बनना बेहद दुर्लभ माना जाता है। इस अवसर पर भगवान भोलेनाथ की पूजा-अर्चना से भक्तों को समृद्धि और हर मुश्किल से मुक्ति मिल सकती है।

इस बार महाशिवरात्रि रविवार, 15 फरवरी को सुबह से शाम तक मनाई जाएगी। सुबह भगवान शिव का जलाभिषेक और दूध-अर्पण विशेष फल देने वाला होगा। महाशिवरात्रि का पर्व रात्रि व्यापिनी माना जाता है।

चतुर्दशी तिथि 15 फरवरी को शाम 4.24 बजे प्रवेश कर रही है और अगले दिन 16 फरवरी को शाम 5.09 बजे तक भोग करेगी। इस बार भद्रा 15 फरवरी शाम 4.23 से 16 फरवरी सुबह 4.47 तक रहेगी, जो शिव पूजा में कोई बाधा नहीं डालेगी, बल्कि इसे अत्यंत शुभ माना जाएगा।

आचार्य चेतन पांडेय ने बताया कि इस दिन उत्तराषाढ़ा नक्षत्र दिन में और श्रवण नक्षत्र रात में भोग कर रहा है, जो भगवान शिव के अत्यंत प्रिय हैं। ऐसे में इस महाशिवरात्रि पर उपासना और पूजा का विशेष महत्व है।

WhatsApp Group जुड़ने के लिए क्लिक करें 👉 Join Now
Facebook
X
Threads
WhatsApp
Telegram
संबंधित खबरें.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *