झारखंड में ईडी की बड़ी कार्रवाई, कोयला चोरी केस में ₹100 करोड़ जब्त

रांची/कोलकाता: झारखंड और पश्चिम बंगाल में अवैध कोयला खनन व चोरी के खिलाफ Enforcement Directorate (ईडी) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए ₹100.44 करोड़ की अवैध संपत्ति को अस्थायी रूप से जब्त किया है। यह कार्रवाई Eastern Coalfields Limited (ईसीएल) के पट्टे वाले क्षेत्रों में बड़े

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रांची/कोलकाता: झारखंड और पश्चिम बंगाल में अवैध कोयला खनन व चोरी के खिलाफ Enforcement Directorate (ईडी) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए ₹100.44 करोड़ की अवैध संपत्ति को अस्थायी रूप से जब्त किया है। यह कार्रवाई Eastern Coalfields Limited (ईसीएल) के पट्टे वाले क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर हुई कोयला चोरी की जांच के तहत की गई है।

ईडी की जांच में सामने आया है कि यह अवैध खनन और चोरी अनूप मांझी उर्फ लाला के गिरोह द्वारा की जा रही थी। जांच एजेंसी के अनुसार, चोरी का कोयला स्थानीय प्रशासन की मिलीभगत से पश्चिम बंगाल की विभिन्न फैक्ट्रियों तक पहुंचाया जाता था।

‘लाला पैड’ से चलता था अवैध ट्रांसपोर्ट

जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि अनूप मांझी उर्फ लाला ने फर्जी परिवहन चालान प्रणाली शुरू की थी, जिसे आमतौर पर ‘लाला पैड’ कहा जाता था। यह चालान अस्तित्वहीन फर्मों के नाम पर जारी किए जाते थे और देखने में कर चालान जैसे लगते थे, ताकि जांच से बचा जा सके।

ट्रांसपोर्टरों को मिलता था 10-20 रुपये का नोट

ईडी के अनुसार, फर्जी चालान के साथ ट्रांसपोर्टर को 10 या 20 रुपये का नोट दिया जाता था। ट्रक, डंपर या टिपर की नंबर प्लेट के पास वह नोट रखकर फोटो खींची जाती थी, जिसे सिंडिकेट के संचालक को भेजा जाता था।
इसके बाद यह फोटो व्हाट्सएप के जरिए रास्ते में पड़ने वाले पुलिस और अन्य सरकारी अधिकारियों को भेजी जाती थी, ताकि वाहन को रोका न जाए या रोके जाने पर तुरंत छोड़ दिया जाए।

₹2,742 करोड़ की मनी लॉन्ड्रिंग का खुलासा

ईडी की पीएमएलए (Prevention of Money Laundering Act) जांच में सामने आया है कि इस गिरोह ने अपराध से प्राप्त लगभग ₹2,742 करोड़ की राशि अर्जित की।
जांच के दौरान जब्त किए गए रजिस्टर, डिजिटल रिकॉर्ड, टैली डेटा और व्हाट्सएप चैट के विश्लेषण से यह स्पष्ट हुआ है कि धन का लेनदेन संगठित तरीके से नकद में किया जाता था और हवाला चैनलों के जरिए अपराध से अर्जित धन का हस्तांतरण और हेरफेर किया जाता था।

ईडी ने संकेत दिए हैं कि इस मामले में आगे भी कुर्की और गिरफ्तारी जैसी कार्रवाइयां हो सकती हैं। जांच एजेंसी अवैध कोयला खनन से जुड़े पूरे नेटवर्क को खंगालने में जुटी हुई है।

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