युद्ध से भड़की तेल कीमतें: 2022 के बाद पहली बार 100 डॉलर के पार, कई देशों में संकट

नई दिल्ली: मध्य पूर्व में चल रहे युद्ध के कारण वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल देखने को मिल रहा है। अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के चलते क्रूड ऑयल की कीमतें वर्ष 2022 के बाद पहली बार

युद्ध से भड़की तेल कीमतें: 2022 के बाद पहली बार 100 डॉलर के पार, कई देशों में संकट
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नई दिल्ली: मध्य पूर्व में चल रहे युद्ध के कारण वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल देखने को मिल रहा है। अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के चलते क्रूड ऑयल की कीमतें वर्ष 2022 के बाद पहली बार 100 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गई हैं। तेल की कीमतों में इस तेजी का असर दुनिया के कई देशों पर पड़ने लगा है, खासकर उन देशों पर जो तेल आयात पर निर्भर हैं।

ब्रेंट और डब्ल्यूटीआई क्रूड में भारी उछाल

सप्ताह के पहले कारोबारी दिन सोमवार को कच्चे तेल के दाम में भारी तेजी दर्ज की गई।

  • ब्रेंट क्रूड की कीमत करीब 25 प्रतिशत बढ़कर 115 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर पहुंच गई।

  • डब्ल्यूटीआई (West Texas Intermediate) क्रूड भी लगभग 24 प्रतिशत की तेजी के साथ 112 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर ट्रेड करता दिखा।

  • मुरबन क्रूड लगभग 18 प्रतिशत बढ़कर 120 डॉलर प्रति बैरल के करीब पहुंच गया।

  • वहीं प्राकृतिक गैस की कीमतों में भी करीब 8 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई।

अमेरिका में उत्पादित वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट क्रूड की कीमत लगभग 106.22 डॉलर प्रति बैरल दर्ज की गई, जो पिछले सप्ताह शुक्रवार को 90.90 डॉलर पर बंद हुई थी। इससे पहले यह स्तर 30 जून 2022 को देखा गया था।

युद्ध और सप्लाई संकट से बढ़ी कीमतें

कच्चे तेल की कीमतों में इस तेज उछाल के पीछे मध्य पूर्व में बढ़ता युद्ध और तेल आपूर्ति को लेकर अनिश्चितता सबसे बड़ा कारण है। कई तेल उत्पादक देशों ने सप्लाई रोकने या कम करने की चेतावनी दी है।

इसके अलावा होर्मुज जलडमरूमध्य जैसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों में तनाव के कारण तेल आपूर्ति प्रभावित होने का खतरा बढ़ गया है। दुनिया के लगभग 20 प्रतिशत तेल का परिवहन इसी मार्ग से होता है, इसलिए इसके प्रभावित होने से वैश्विक बाजार में तेल की कीमतें तेजी से बढ़ रही हैं।

पाकिस्तान और बांग्लादेश में हालात खराब

तेल की कीमतों में उछाल का असर दक्षिण एशियाई देशों पर भी दिखने लगा है।

पाकिस्तान में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में भारी बढ़ोतरी हुई है।

  • पेट्रोल की कीमत लगभग 336 पाकिस्तानी रुपये प्रति लीटर

  • हाई स्पीड डीजल लगभग 321 पाकिस्तानी रुपये प्रति लीटर तक पहुंच गया है।

वहीं बांग्लादेश में स्थिति को नियंत्रित करने के लिए सरकार ने ईंधन बिक्री पर राशनिंग प्रणाली लागू कर दी है, जिसके तहत लोगों को सीमित मात्रा में ही पेट्रोल और डीजल मिल रहा है।

भारत के लिए भी बढ़ सकती है चिंता

भारत फिलहाल पर्याप्त तेल भंडार होने की बात कह रहा है, लेकिन अगर वैश्विक बाजार में कीमतें इसी तरह बढ़ती रहीं, तो इसका असर भारतीय अर्थव्यवस्था पर भी पड़ सकता है।

भारत अपनी कुल जरूरत का लगभग 85 प्रतिशत कच्चा तेल आयात करता है। ऐसे में तेल की कीमतों में बढ़ोतरी से

  • आयात बिल बढ़ सकता है

  • महंगाई पर दबाव बढ़ सकता है

  • पेट्रोल-डीजल के दाम भी प्रभावित हो सकते हैं

विशेषज्ञों का मानना है कि अगर मध्य पूर्व में तनाव जल्दी कम नहीं हुआ, तो आने वाले दिनों में तेल की कीमतें और ऊपर जा सकती हैं।

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