New Delhi : भारत में ऑनलाइन गेमिंग सेक्टर में बड़ा बदलाव होने जा रहा है। 1 मई से नए नियम लागू होंगे, जिनकी अधिसूचना इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी मंत्रालय ने जारी कर दी है। इन नियमों का उद्देश्य गेमिंग इंडस्ट्री को बढ़ावा देना है, साथ ही जरूरी नियंत्रण भी बनाए रखना है।
आईटी सचिव एस. कृष्णन के अनुसार, अधिकांश ऑनलाइन गेम्स को रजिस्ट्रेशन कराने की जरूरत नहीं होगी। हालांकि, रियल मनी गेमिंग पहले से प्रतिबंधित है और इस पर अब और सख्ती की जाएगी। सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि निगरानी केवल विशेष परिस्थितियों में ही लागू होगी, जिससे सिस्टम को सरल और लचीला बनाए रखा जा सके।
वहीं, ईस्पोर्ट्स गेम्स के लिए रजिस्ट्रेशन अनिवार्य होगा, जैसा कि मौजूदा कानून में प्रावधान है। सरकार का लक्ष्य ईस्पोर्ट्स और बिना पैसे वाले गेम्स को बढ़ावा देना है, जबकि सट्टेबाजी या पैसे से जुड़े गेम्स को हतोत्साहित करना है।
सरकार ने यह भी कहा कि वह सिस्टम को “हल्का-फुल्का” रखना चाहती है, ताकि ज्यादातर नॉन-मोनेटाइज्ड गेम्स बिना किसी बाधा के चल सकें। हालांकि, गेम डेवलपर्स चाहें तो स्वेच्छा से रजिस्ट्रेशन करा सकते हैं।
नए नियमों के तहत गेम्स को तीन श्रेणियों में बांटा जाएगा:
- अथॉरिटी द्वारा स्वतः लिया गया निर्णय (सुओ मोटू)
- ईस्पोर्ट्स गेम्स
- केंद्र सरकार द्वारा अधिसूचित विशेष सोशल गेम्स
यूजर्स के लिए ये नियम फायदेमंद साबित होंगे, क्योंकि इससे उनकी सुरक्षा और डेटा प्रोटेक्शन को और मजबूत किया जाएगा। मंत्रालय ने अक्टूबर 2025 में इन नियमों पर सुझाव मांगे थे, जिन पर करीब 2500 प्रतिक्रियाएं मिली थीं।



