12वीं पास युवक चला रहा था अवैध भ्रूण लिंग जांच रैकेट, चाइनीज अल्ट्रासाउंड डिवाइस से करता था जांच

Pune : महाराष्ट्र के पुणे जिले के दौंड तहसील में अवैध भ्रूण लिंग जांच का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। पुलिस के अनुसार, केवल 12वीं तक पढ़ा एक व्यक्ति कथित तौर पर अवैध रूप से भ्रूण का लिंग बताने का काम कर रहा

12वीं पास युवक चला रहा था अवैध भ्रूण लिंग जांच रैकेट, चाइनीज अल्ट्रासाउंड डिवाइस से करता था जांच
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Pune : महाराष्ट्र के पुणे जिले के दौंड तहसील में अवैध भ्रूण लिंग जांच का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। पुलिस के अनुसार, केवल 12वीं तक पढ़ा एक व्यक्ति कथित तौर पर अवैध रूप से भ्रूण का लिंग बताने का काम कर रहा था और इसके लिए महिलाओं से 5,000 से 15,000 रुपये तक वसूलता था। मामले में अब तक दो लोगों को गिरफ्तार किया गया है।

फार्मेसी कोर्स में फेल होने के बाद बना ‘विशेषज्ञ’

जांच में सामने आया है कि मुख्य आरोपी ने कभी बी.फार्मेसी कोर्स में दाखिला लिया था, लेकिन पहले वर्ष में असफल होने के बाद पढ़ाई छोड़ दी थी। इसके बावजूद उसने खुद को मेडिकल विशेषज्ञ के रूप में पेश कर एक संगठित नेटवर्क खड़ा कर लिया।

महिलाओं को पहले परामर्श के नाम पर उसके पास लाया जाता था, जहां उनसे भ्रूण जांच के लिए मोटी रकम ली जाती थी। इसके बाद उन्हें नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों और डॉक्टरों के पास भेजा जाता था।

चाइनीज अल्ट्रासाउंड मशीन का इस्तेमाल

पुलिस को जांच के दौरान चीन में निर्मित एक पोर्टेबल अल्ट्रासाउंड डिवाइस मिली है।

पुलिस के मुताबिक:

  • यह मशीन मोबाइल एप्लिकेशन से जुड़ी हुई थी।
  • ब्लूटूथ के माध्यम से संचालित होती थी।
  • आरोपी इसी डिवाइस से भ्रूण का लिंग बताने का दावा करता था।

विशेषज्ञों का कहना है कि बिना लाइसेंस और मेडिकल अनुमति के ऐसी मशीन का उपयोग करना Pre-Conception and Pre-Natal Diagnostic Techniques Act (पीसीपीएनडीटी अधिनियम) का गंभीर उल्लंघन है।

सोशल मीडिया वीडियो से हुआ खुलासा

इस पूरे मामले का खुलासा सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियो से हुआ। वीडियो सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने शिकायत दर्ज कराई और पुलिस ने जांच शुरू की।

जांच आगे बढ़ने पर एक बड़े नेटवर्क की जानकारी सामने आई, जिसमें कई लोगों के शामिल होने की आशंका जताई जा रही है।

2024 से चला रहा था अवैध कारोबार

पुलिस ने मुख्य आरोपी की पहचान Annasahab Giri (42) के रूप में की है।

पूछताछ में आरोपी ने कथित तौर पर स्वीकार किया कि:

  • वह डॉक्टर नहीं है।
  • उसने केवल 12वीं तक पढ़ाई की है।
  • बी.फार्मेसी की पढ़ाई अधूरी छोड़ दी थी।
  • वर्ष 2024 से यह अवैध काम कर रहा था।

पुलिस के अनुसार वह हर महीने 30 से 50 महिलाओं की जांच करता था।

5 से 15 हजार रुपये तक वसूलता था शुल्क

जांच में पता चला है कि भ्रूण जांच के लिए महिलाओं से 5,000 से 15,000 रुपये तक लिए जाते थे। इस रकम का हिस्सा नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों तक भी पहुंचता था।

पुलिस का मानना है कि यह मामला केवल दो लोगों तक सीमित नहीं है और इसमें कई अन्य लोगों की भूमिका भी हो सकती है।

एक डॉक्टर गिरफ्तार, दो फरार

मामले में एक बीएएमएस डॉक्टर Atul Jadhav को गिरफ्तार किया गया है, जबकि दो अन्य डॉक्टर फरार बताए जा रहे हैं।

इसके अलावा पुलिस Narendra Thakare की हिरासत की मांग कर रही है, जिस पर अल्ट्रासाउंड मशीन उपलब्ध कराने का आरोप है।

जांच जारी

Sandeep Singh Gill, पुणे ग्रामीण पुलिस अधीक्षक के अनुसार, शुरुआती जांच में सामने आया है कि आरोपी हर महीने 30 से 50 जांचें करता था। पुलिस अब पूरे नेटवर्क, इसमें शामिल डॉक्टरों और बिचौलियों की भूमिका की गहन जांच कर रही है।

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