- अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर गूंजा ‘स्वस्थ तन-स्वस्थ मन’ का संदेश
मुकेश रंजन
Ranchi : अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर नीरजा सहाय डी.ए.वी. पब्लिक स्कूल, कांके में अनुशासित एवं प्रेरणादायी योगाभ्यास एवं योगासन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। योग के प्रति जागरूकता बढ़ाने, शारीरिक सुदृढ़ता, मानसिक संतुलन तथा स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा देने के उद्देश्य से आयोजित इस कार्यक्रम में विद्यार्थियों, शिक्षकों एवं अभिभावकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। विद्यालय परिसर योगमय वातावरण से गुंजायमान हो उठा।
कार्यक्रम का आयोजन भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के योग को जन-जन तक पहुंचाने के आह्वान के अनुरूप किया गया। प्रातःकालीन वेला में विद्यालय की प्राचार्या श्रीमती किरण यादव, शिक्षकगण, विद्यार्थी एवं अभिभावकों ने सामूहिक योग प्रार्थना और ध्यान साधना के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इसके बाद सभी ने अनुशासित ढंग से विभिन्न योगासन एवं प्राणायाम का सामूहिक अभ्यास किया।
अपने प्रेरणादायी संबोधन में प्राचार्या श्रीमती किरण यादव ने कहा कि योग भारतीय संस्कृति की अमूल्य धरोहर है। यह केवल शारीरिक व्यायाम नहीं, बल्कि स्वस्थ शरीर, शांत मन और संतुलित जीवन का आधार है। उन्होंने विद्यार्थियों से नियमित योगाभ्यास को दैनिक दिनचर्या का हिस्सा बनाने का आह्वान किया।
कार्यक्रम में ताड़ासन, वृक्षासन, त्रिकोणासन, भुजंगासन, वज्रासन और पद्मासन सहित विभिन्न योगासनों का अभ्यास कराया गया। वहीं अनुलोम-विलोम, कपालभाति एवं भ्रामरी प्राणायाम के माध्यम से विद्यार्थियों को शारीरिक, मानसिक एवं आध्यात्मिक स्वास्थ्य के महत्व से अवगत कराया गया। योग प्रशिक्षकों एवं शिक्षकों के मार्गदर्शन में विद्यार्थियों ने अनुशासन, एकाग्रता और ऊर्जा से भरपूर प्रदर्शन कर सभी का मन मोह लिया।
योगाभ्यास के उपरांत शिक्षिका घटा गिरी ने योग के वैज्ञानिक एवं व्यावहारिक महत्व पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए विद्यार्थियों को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का संकल्प दिलाया। कार्यक्रम को सफल बनाने में खेल शिक्षक उपेंद्र कुमार एवं प्रकाश कुमार की महत्वपूर्ण भूमिका रही। वहीं संगीत शिक्षक सूर्यांश राय और हराधन राय की मधुर प्रस्तुतियों ने कार्यक्रम को और अधिक भावपूर्ण बना दिया। अंत में शिक्षक संजय सिंह ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया।
राष्ट्रगान के साथ संपन्न हुए इस आयोजन ने विद्यार्थियों में स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता, आत्मानुशासन, सकारात्मक सोच तथा भारतीय सांस्कृतिक मूल्यों के प्रति सम्मान की भावना को और सुदृढ़ किया। विद्यालय परिवार ने संकल्प लिया कि योग को केवल एक दिवस तक सीमित न रखकर दैनिक जीवन का अभिन्न हिस्सा बनाया जाएगा।

