- सीजीएल समेत टीडीपीएल की ओर से ली गई जेपीएससी-जेएसएससी परीक्षाएं रद्द होंगी। सरकार ने 2014 से अब तक हुई परीक्षाओं की जांच का भी फैसला लिया है।
Ranchi : छात्रों के आंदोलन के 24वें दिन राज्य सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व में सोमवार को हुई कैबिनेट की विशेष बैठक में टीडीपीएल की ओर से ली गई जेपीएससी-जेएसएससी की सभी परीक्षाएं रद्द करने का निर्णय लिया गया। इसके साथ ही जेएसएससी की ओर से आयोजित सीजीएल परीक्षा को भी रद्द करने की घोषणा की गई।
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने बैठक के बाद मीडियाकर्मियों को बताया कि कैबिनेट ने 14वीं जेपीएससी पीटी के अलावा बैकलॉग 2023 और 2025 परीक्षा को भी रद्द करने का फैसला किया है। उन्होंने कहा कि सरकार छात्रों के साथ है और उनकी मांगों पर विचार करने के बाद यह निर्णय लिया गया है।
सीजीएल में गड़बड़ी के संकेत मिले
मुख्यमंत्री ने कहा कि सीजीएल परीक्षा की जांच के लिए गठित एसआईटी और सीआईडी की अब तक की रिपोर्ट में कुछ ऐसी बातें सामने आई हैं, जिनसे गड़बड़ी के संकेत मिले हैं। उन्होंने बताया कि जेपीएससी पीटी में पकड़े गए छात्र की भूमिका सीजीएल में भी पाई गई है। इसी के आधार पर सरकार ने सीजीएल परीक्षा रद्द करने का निर्णय लिया है।
जेपीएससी-जेएसएससी सुधार के लिए कमेटी गठित
राज्य सरकार ने जेपीएससी और जेएसएससी में सुधार के लिए आईएएस अमिताभ कौशल के नेतृत्व में कमेटी का गठन किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले से ही एसओपी बनी हुई है। यदि उसका पालन किया गया होता तो ऐसी स्थिति नहीं बनती।
सरकार ने परीक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए लोगों से सुझाव भी मांगे हैं। इन सुझावों को बाद में सुधार प्रक्रिया में शामिल किया जाएगा।
2014 से अब तक की परीक्षाओं की होगी जांच
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने 2014 से अब तक हुई सभी परीक्षाओं की जांच कराने का निर्णय लिया है। इसको लेकर कार्रवाई भी की जा रही है।
छात्रों की मांग पर सरकार की ओर से गठित मंत्रियों की कमेटी ने पिछले दिनों कई दौर की वार्ता की थी। इनमें सीजीएल समेत अन्य परीक्षाओं की जांच सेवानिवृत्त हाई कोर्ट के जज से कराने का प्रस्ताव भी रखा गया था, लेकिन इस पर सहमति नहीं बन सकी।
बैठक में इसके बाद सीजीएल परीक्षा को भी रद्द करने का निर्णय लिया गया।
किन परीक्षाओं का आयोजन टीडीपीएल ने किया?
टीडीपीएल की ओर से ली गई परीक्षाओं में 14वीं जेपीएससी सिविल सेवा पीटी परीक्षा, झारखंड पात्रता परीक्षा (जेट), सहायक लोक अभियोजक, इंस्पेक्टर ऑफ फैक्ट्रीज, सिविल जज जूनियर, झारखंड वन रक्षक प्रतियोगिता परीक्षा और झारखंड पीजीटी परीक्षा शामिल हैं।
माइंस एंड मिनिरल एक्ट पर विशेष सत्र
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने यह भी घोषणा की कि केंद्र सरकार की ओर से माइंस एंड मिनिरल डेवलपमेंट एक्ट में संशोधन कर खनिज पर राज्य को मिलने वाले सेस की शक्ति छीने जाने के मुद्दे पर जल्द विधानसभा का विशेष सत्र बुलाया जाएगा।
उन्होंने कहा कि इस विषय पर अलग से बैठक की जाएगी।





