अयोध्या: श्रीराम मंदिर में चढ़ावे और दानराशि में कथित गड़बड़ी के मामले में विशेष जांच दल (SIT) की प्रारंभिक रिपोर्ट के आधार पर आठ लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। मामला श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के सदस्य श्रीकृष्ण मोहन की शिकायत पर दर्ज किया गया है। पुलिस ने सभी नामजद आरोपियों से पूछताछ शुरू कर दी है।
एफआईआर में ट्रस्ट महासचिव चंपत राय के चालक रमाशंकर यादव उर्फ टिन्नू यादव, अनुकल्प मिश्रा, लवकुश मिश्रा, मनीष यादव, अविनाश शुक्ला, करुणेश पांडेय, रमाशंकर मिश्र और सुभाष श्रीवास्तव को आरोपी बनाया गया है।
आरोपियों की कथित भूमिका
करुणेश पांडेय
- मंदिर में चढ़ावे को गणना कक्ष तक पहुंचाने की जिम्मेदारी थी।
- दानराशि की निगरानी और गणना प्रक्रिया से जुड़े कार्य करते थे।
- आरोप है कि उन्होंने दानराशि में हेराफेरी कर अवैध संपत्ति अर्जित की।
रमाशंकर यादव उर्फ टिन्नू यादव
- ट्रस्ट महासचिव चंपत राय के चालक और करीबी सहयोगी बताए जाते हैं।
- मंदिर की व्यवस्थाओं, श्रद्धालुओं के दर्शन और दानपात्रों की निगरानी का कार्य देखते थे।
- दानपात्रों को बेसमेंट स्थित गणना कक्ष तक पहुंचाने की जिम्मेदारी भी उनके पास थी।
सुभाष श्रीवास्तव
- भारतीय स्टेट बैंक (SBI) के सेवानिवृत्त कर्मचारी।
- मंदिर में आने वाली नकद दानराशि की गणना प्रक्रिया के प्रभारी थे।
- कैश काउंटिंग सेंटर के कर्मचारियों की निगरानी करते थे।
लवकुश मिश्रा
- दानपात्रों से प्राप्त नकदी की गिनती करने वाली टीम का हिस्सा थे।
- जांच के दौरान उनके घर से लगभग 10 लाख रुपये बरामद होने का दावा किया गया है।
अनुकल्प मिश्रा
- पिछले लगभग दो वर्षों से दानराशि की गणना से जुड़े कार्य में लगे थे।
- श्रद्धालु सुविधा केंद्र में तैनाती के बावजूद नोटों की गिनती की प्रक्रिया में शामिल थे।
- उन पर दान संबंधी वाउचर में कथित गड़बड़ी करने का आरोप है।
मनीष यादव
- दानपात्रों से निकली नकदी की छंटाई और नोटों की जांच का कार्य करते थे।
- उन पर दानराशि में कथित हेराफेरी का आरोप लगाया गया है।
अविनाश शुक्ला
- दानपात्रों से नकदी निकालकर गणना कक्ष तक पहुंचाने की जिम्मेदारी निभाते थे।
- आरोप है कि उन्होंने दानराशि की कथित चोरी में भूमिका निभाई।
रमाशंकर मिश्र
- एफआईआर में नामजद हैं और पुलिस उनकी भूमिका की जांच कर रही है।
- अब तक उपलब्ध जानकारी में उनकी विशिष्ट जिम्मेदारी का आधिकारिक विवरण सार्वजनिक नहीं किया गया है।
जांच जारी
पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं तथा भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। मामले की जांच जारी है और आरोपों की पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया एवं जांच पूरी होने के बाद ही होगी।



