Khunti : झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के खूंटी जिला सचिव और खूंटी विधानसभा के पूर्व प्रत्याशी सुशील पाहन का गुरुवार देर रात निधन हो गया। उनके आकस्मिक निधन से राजनीतिक और सामाजिक क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई।
सुशील पाहन भारत मुंडा समाज झारखंड के प्रदेश अध्यक्ष भी थे और लंबे समय से सामाजिक एवं राजनीतिक गतिविधियों में सक्रिय भूमिका निभा रहे थे।
समाज सेवा के लिए छोड़ी नौकरी
सुशील पाहन ने स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति (VRS) लेकर खुद को पूरी तरह समाज सेवा और जनहित के कार्यों के लिए समर्पित कर दिया था। वर्ष 2019 में उन्होंने झारखंड मुक्ति मोर्चा के टिकट पर खूंटी विधानसभा चुनाव भी लड़ा था।
बताया जा रहा है कि पिछले कुछ दिनों से उनकी तबीयत खराब चल रही थी। गुरुवार रात अचानक उनकी तबीयत बिगड़ने पर उनका निधन हो गया।
अंतिम संस्कार आज
उनके निधन की सूचना मिलते ही कर्रा प्रखंड की डूमरगड़ी पंचायत स्थित डुफू गांव में सुबह से ही झामुमो कार्यकर्ताओं, समर्थकों और ग्रामीणों की भीड़ जुटने लगी।
परिजनों के अनुसार, उनका अंतिम संस्कार शुक्रवार, 26 जून को दोपहर 12 बजे डूमरगड़ी पंचायत के डुफू गांव में किया जाएगा।
नेताओं ने जताया शोक
सुशील पाहन के निधन पर कई जनप्रतिनिधियों और पार्टी नेताओं ने गहरा शोक व्यक्त किया।
- सुदीप गुड़िया ने कहा कि सुशील पाहन सरल, मिलनसार और संघर्षशील व्यक्तित्व के धनी थे। पार्टी और समाज के प्रति उनका समर्पण हमेशा याद रखा जाएगा।
- राम सूर्या मुंडा ने कहा कि समाज और पार्टी के लिए उनका योगदान अविस्मरणीय रहेगा।
इसके अलावा विकास सिंह मुंडा, झामुमो जिला अध्यक्ष जुबैर अहमद, जिला सह सचिव प्रदीप केशरी, युवा मोर्चा जिला उपाध्यक्ष राहुल केशरी तथा मोजिर अंसारी सहित कई नेताओं और कार्यकर्ताओं ने शोक संवेदना व्यक्त की।



