Ayodhya : श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की वित्तीय स्थिति और दान में मिली बहुमूल्य धातुओं से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी सामने आई है। एसआईटी की प्रारंभिक रिपोर्ट और ट्रस्ट के उपलब्ध वित्तीय विवरण के अनुसार, 31 मार्च 2026 तक ट्रस्ट को हजारों करोड़ रुपये की निधि प्राप्त हुई है। रिपोर्ट में नकद चढ़ावा, मंदिर निर्माण पर हुए खर्च, ट्रस्ट की उपलब्ध निधि, भूमि खरीद और दान में मिले सोना-चांदी का विस्तृत विवरण दिया गया है।
3,264 करोड़ रुपये की निधि प्राप्त
रिपोर्ट के अनुसार, वर्ष 2020 से 31 मार्च 2026 तक निधि समर्पण अभियान और कॉर्पस डोनेशन के माध्यम से ट्रस्ट को 3,264 करोड़ रुपये प्राप्त हुए। इनमें से 2,370 करोड़ रुपये मंदिर निर्माण और अन्य पूंजीगत कार्यों पर खर्च किए गए, जिसमें निर्माण कार्य और उससे जुड़े अन्य पूंजीगत व्यय शामिल हैं।
582 करोड़ रुपये नकद चढ़ावा
ट्रस्ट को 31 मार्च 2026 तक 582 करोड़ रुपये नकद चढ़ावे के रूप में प्राप्त हुए। इनमें से 391 करोड़ रुपये संचालन और अन्य राजस्व संबंधी खर्चों पर व्यय किए गए।
अनऑडिटेड अस्थायी वित्तीय विवरण के अनुसार, 31 मार्च 2026 तक ट्रस्ट के पास 1,876.30 करोड़ रुपये की कुल निधि उपलब्ध थी। यह राशि State Bank of India, Bank of Baroda और Punjab National Bank में फिक्स्ड डिपॉजिट, म्यूचुअल फंड और बैंक खातों में निवेशित है।
32.259 किलोग्राम सोना और 1,518.925 किलोग्राम चांदी का रिकॉर्ड
रिपोर्ट के मुताबिक, ट्रस्ट के रिकॉर्ड में 32.259 किलोग्राम सोने से बनी वस्तुएं दर्ज हैं।
वहीं, दान में प्राप्त चांदी को Security Printing and Minting Corporation of India भेजा गया, जहां उसे शुद्ध कर सिल्वर बार में परिवर्तित किया गया।
31 मार्च 2026 तक ट्रस्ट के रिकॉर्ड में—
- 849.272 किलोग्राम 99.99 प्रतिशत शुद्ध चांदी
- 669.653 किलोग्राम अन्य चांदी जैसी धातु
दर्ज है। इस प्रकार ट्रस्ट के पास कुल 1,518.925 किलोग्राम चांदी का रिकॉर्ड मौजूद है।
चांदी गायब होने के आरोप नहीं मिले सही
रिपोर्ट में सोशल मीडिया पर दान में मिली चांदी की सिल्ली गायब होने के आरोपों की भी जांच का उल्लेख किया गया है। जांच में पाया गया कि Indian Bullion and Jewellers Association और विश्व सिंधी सेवा समाज द्वारा दान की गई चांदी से जुड़े आरोप सही नहीं थे। जांच के दौरान सभी वस्तुएं सरकारी टकसाल और ट्रस्ट के अभिलेखों में दर्ज पाई गईं।
2.57 एकड़ भूमि भी खरीदी
रिपोर्ट के अनुसार, 1 अप्रैल 2025 से 31 मार्च 2026 के बीच ट्रस्ट ने विभिन्न स्थानों पर 2.57 एकड़ भूमि खरीदी या उसके लिए समझौते किए। इस पर 20.16 करोड़ रुपये खर्च किए गए।
रिपोर्ट में कहा गया है कि यह पूरा वित्तीय विवरण 31 मार्च 2026 तक की स्थिति पर आधारित है, जिसमें ट्रस्ट की आय, व्यय, नकद चढ़ावा, मंदिर निर्माण पर खर्च, भूमि खरीद और दान में प्राप्त बहुमूल्य धातुओं का पूरा रिकॉर्ड शामिल है।



