25 जुलाई से निकलेगी शिव शंकर मंडल की कांवड़ यात्रा, 40 श्रद्धालु करेंगे बाबा बैद्यनाथ का जलाभिषेक

Ranchi : देवाधिदेव भगवान शिव को समर्पित पावन श्रावण मास के अवसर पर रांची का शिव शंकर मंडल इस वर्ष भी अपनी पारंपरिक कांवड़ यात्रा का आयोजन करेगा। मंडल की कांवड़ यात्रा 25 जुलाई को रांची से शुरू होगी और 30 जुलाई को बाबा बैद्यनाथ

25 जुलाई से निकलेगी शिव शंकर मंडल की कांवड़ यात्रा, 40 श्रद्धालु करेंगे बाबा बैद्यनाथ का जलाभिषेक
Advertisement

Ranchi : देवाधिदेव भगवान शिव को समर्पित पावन श्रावण मास के अवसर पर रांची का शिव शंकर मंडल इस वर्ष भी अपनी पारंपरिक कांवड़ यात्रा का आयोजन करेगा। मंडल की कांवड़ यात्रा 25 जुलाई को रांची से शुरू होगी और 30 जुलाई को बाबा बैद्यनाथ धाम में जलाभिषेक के साथ संपन्न होगी।

मंडल के श्रद्धालु पिछले कई वर्षों से सुल्तानगंज की उत्तरवाहिनी गंगा से पवित्र गंगाजल लेकर लगभग 105 किलोमीटर की पैदल यात्रा पूरी करते हुए देवघर पहुंचकर द्वादश ज्योतिर्लिंगों में से एक भगवान बैद्यनाथ का जलाभिषेक करते आ रहे हैं।

इस वर्ष यात्रा में करीब 40 कांवड़िये शामिल होंगे। सभी श्रद्धालु रेल मार्ग से सुल्तानगंज पहुंचेंगे और वहां से गंगाजल लेकर पैदल बाबा बैद्यनाथ धाम की यात्रा करेंगे। पूरी यात्रा का नेतृत्व बसंत मूंदड़ा करेंगे। यात्रा के दौरान श्रद्धालु भगवान शिव के जयघोष, भजन-कीर्तन और धार्मिक अनुशासन के साथ आगे बढ़ेंगे।

शिव शंकर मंडल के सदस्य मनोज पोद्दार ने बताया कि मंडल के श्रद्धालु पिछले लगभग 40 वर्षों से नियमित रूप से बाबा बैद्यनाथ धाम में जलाभिषेक करते आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि बाबा बैद्यनाथ के दरबार में आने वाला प्रत्येक श्रद्धालु अटूट आस्था और विश्वास के साथ पहुंचता है तथा भगवान शिव अपने भक्तों की मनोकामनाएं अवश्य पूर्ण करते हैं।

उन्होंने कहा कि बाबा बैद्यनाथ के प्रति बढ़ती आस्था का ही परिणाम है कि हर वर्ष कांवड़ यात्रा में शामिल होने वाले श्रद्धालुओं की संख्या लगातार बढ़ रही है।

इस वर्ष की यात्रा में मनोज काबरा, दीपक अग्रवाल, अखिल पोद्दार, गौरव काबरा, शिखिल तनेजा, विकास काबरा, जयप्रकाश शर्मा, ऋषभ जैन और विकास लोहिया सहित बड़ी संख्या में शिवभक्त भाग लेंगे।

मंडल ने सभी श्रद्धालुओं से यात्रा के दौरान धार्मिक मर्यादा, अनुशासन और स्वच्छता का पालन करने की अपील की है।

धार्मिक मान्यता के अनुसार, श्रावण मास भगवान शिव की आराधना का सबसे पवित्र समय माना जाता है। इस दौरान गंगाजल से जलाभिषेक करने पर भगवान शिव प्रसन्न होकर भक्तों की मनोकामनाएं पूर्ण करते हैं। इसी आस्था के चलते हर वर्ष सावन में कांवड़ यात्रा को लेकर श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखने को मिलता है।

WhatsApp Group जुड़ने के लिए क्लिक करें 👉 Join Now
Facebook
X
Threads
WhatsApp
Telegram
संबंधित खबरें.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

अभी-अभी.