Ayodhya : राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में गिरफ्तार आरोपी रमा शंकर यादव उर्फ टिन्नू यादव को लेकर जांच में एक और बड़ा खुलासा हुआ है। जांच में सामने आया है कि टिन्नू यादव अपनी पत्नी पूनम देवी के नाम पर ‘सौंदर्य कंस्ट्रक्शन’ नाम से एक निर्माण कंपनी संचालित कर रहा था। यह फर्म वर्ष 2023 से लोक निर्माण विभाग (PWD) में पंजीकृत बताई जाती है।
सूत्रों के अनुसार, विभाग में पंजीकरण के पहले ही वर्ष इस फर्म को करीब 47 लाख रुपये के निर्माण कार्य मिले थे। कंपनी विभिन्न सरकारी परियोजनाओं में छोटे-छोटे निर्माण कार्यों के टेंडर लेकर काम कर रही थी।
सूत्रों का दावा है कि आरोपी प्रभावशाली लोगों की पैरवी के जरिए सरकारी टेंडर हासिल करता था। हालांकि, इन दावों की अभी तक आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। बताया जा रहा है कि यह फर्म पत्नी पूनम देवी के नाम पर न्यू शिक्षक कॉलोनी के पते पर पंजीकृत है।
इसके अलावा, सूत्रों के हवाले से यह भी जानकारी सामने आई है कि आरोपी का बेटा रवि भी लोक निर्माण विभाग में कार्यरत है।
चोरी के पैसों से बनाया गया कथित वित्तीय नेटवर्क
राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे नए और चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं। पुलिस जांच में पहले यह बात सामने आई थी कि आरोपियों ने कथित तौर पर चोरी की रकम सिर्फ ऐशो-आराम पर खर्च नहीं की, बल्कि उसे बढ़ाने के लिए एक वित्तीय नेटवर्क भी तैयार किया।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, टिन्नू यादव समेत अन्य आरोपियों ने चोरी की रकम का निवेश शेयर बाजार में किया। जांच में यह भी सामने आया कि आरोपियों ने कथित तौर पर रकम अपने रिश्तेदारों और करीबी लोगों के बैंक खातों में ट्रांसफर की और बाद में उसे अपने खातों में वापस मंगाकर लेनदेन छिपाने की कोशिश की।
क्या है पूरा मामला?
राम मंदिर में चढ़ावे की गिनती के दौरान कथित अनियमितताओं का मामला जून के पहले सप्ताह में सामने आया था। इसके बाद मंदिर ट्रस्ट की सिफारिश पर उत्तर प्रदेश सरकार ने विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया।
एसआईटी की प्रारंभिक जांच में कथित गबन के संकेत मिलने के बाद एफआईआर दर्ज की गई और चढ़ावे की गणना से जुड़े आठ लोगों को गिरफ्तार किया गया। मामले की जांच जारी है और पुलिस वित्तीय लेनदेन से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच कर रही है।



