देवरिया: उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले के निवासी और LoC पर तैनात फौजी वीर बहादुर सिंह का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है। वीडियो में उन्होंने जमीन पर कब्जे और परिवार के साथ मारपीट का आरोप लगाते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से गुहार लगाई। मामले की जांच के बाद सलेमपुर के सीओ गौरव सिंह ने कहा कि विवाद फौजी के पिता और चाचाओं के बीच पुश्तैनी मकान के बंटवारे से जुड़ा है।
वीर बहादुर सिंह ने वीडियो में कहा कि वे LoC पर देश की रक्षा करें या देवरिया में अपने परिवार की चिंता करें। उन्होंने बुजुर्ग मां-बाप, गर्भवती बहन और छोटी बहन के साथ मारपीट का आरोप लगाया।
LoC से फौजी ने मुख्यमंत्री से लगाई गुहार
वीर बहादुर सिंह ने वायरल वीडियो में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मदद की अपील की। उन्होंने कहा कि वे 17 अप्रैल 2026 को मुख्यमंत्री से मिल चुके हैं और सेना की ओर से भी दो बार पत्र भेजा जा चुका है।
फौजी के अनुसार, घर पर उनके बुजुर्ग मां-बाप, एक गर्भवती बहन और एक छोटी बहन अकेली हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके चाचा परिवार के सदस्यों के साथ मारपीट करते हैं।
वीडियो में फौजी ने हताशा जताते हुए कहा कि वे सीमा पर देश की रक्षा करें या परिवार की चिंता करें। उन्होंने भू-माफियाओं को गोली मारने या खुद जान देने तक की बात कही।
पुलिस जांच में पुश्तैनी मकान का विवाद आया सामने
मामला तूल पकड़ने के बाद सलेमपुर के सीओ गौरव सिंह ने जांच कर स्थिति स्पष्ट की। पुलिस के अनुसार, वीर बहादुर सिंह के पिता राजा सिंह और उनके दो भाई रामनारायण सिंह व सुग्रीव सिंह का चुरिया गांव में पुश्तैनी मकान है।
पुलिस के मुताबिक, 31 दिसंबर 2025 को हुई पंचायत में राजा सिंह और रामनारायण सिंह ने अपने हिस्से की जमीन तीसरे भाई सुग्रीव सिंह को बेचने का फैसला किया था। समझौते के तहत तय रकम में से आधी राशि फौजी वीर बहादुर सिंह के बैंक खाते में भी भेजी गई थी।
समझौते के बाद भी घर खाली नहीं करने पर बढ़ा विवाद
पुलिस का कहना है कि समझौते के तहत घर खाली करने पर बाकी रकम देने की बात तय हुई थी। हालांकि, अब फौजी के पिता समझौते को मानने से इंकार कर रहे हैं।
वर्तमान में सुग्रीव सिंह पुराने मकान को गिराकर नया निर्माण करा रहे हैं, जबकि राजा सिंह आगे के कमरे में रह रहे हैं। इसी विवाद को लेकर 26 फरवरी 2026 को मारपीट हुई थी।
मारपीट के मामले में चार्जशीट, केस अदालत में विचाराधीन
पुलिस के अनुसार, मारपीट की घटना को लेकर थाना लार में मुकदमा अपराध संख्या 61/26 दर्ज किया गया था। मामले में चार्जशीट भी भेजी जा चुकी है।
पुलिस ने दोनों पक्षों के बीच समझौता कराने का प्रयास किया, लेकिन यह सफल नहीं हो सका। मामला फिलहाल अदालत में विचाराधीन है।



