- कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने कहा कि किसानों को गुणवत्तायुक्त खाद और बीज समय पर उपलब्ध कराने के लिए उर्वरक बिक्री व्यवस्था को डिजिटल और पारदर्शी बनाया जा रहा है।
Patna : कृषि मंत्री श्री विजय कुमार सिन्हा ने कहा कि किसानों को खेती के लिए गुणवत्तायुक्त उर्वरक और बीज समय पर तथा आसानी से उपलब्ध कराना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसी उद्देश्य से उर्वरक बिक्री व्यवस्था को अधिक पारदर्शी, सुव्यवस्थित और तकनीक आधारित बनाने की दिशा में कदम उठाए जा रहे हैं।
उन्होंने बताया कि ‘खेत बचाओ, गुणवत्तायुक्त बीज और खाद सुलभ कराओ’ अभियान के तहत 31 अगस्त 2026 को कृषि भवन सभागार, मीठापुर, पटना में एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा।
डिजिटल व्यवस्था पर दिया जाएगा प्रशिक्षण
प्रशिक्षण कार्यक्रम में कृषि विभाग के संबंधित पदाधिकारियों को उर्वरक बिक्री की डिजिटल और फार्मर आईडी आधारित व्यवस्था की जानकारी दी जाएगी। इसके अलावा उर्वरक की उपलब्धता और वितरण व्यवस्था तथा किसानों को गुणवत्तायुक्त उर्वरक एवं बीज की सुगम उपलब्धता सुनिश्चित करने से जुड़े विषयों पर प्रशिक्षण दिया जाएगा।
कृषि मंत्री ने कहा कि खाद बिक्री व्यवस्था को डिजिटल बनाने का उद्देश्य सिर्फ तकनीकी बदलाव करना नहीं है। इसका मकसद किसान हित में पूरी व्यवस्था को अधिक पारदर्शी और जवाबदेह बनाना है, ताकि किसानों को जरूरत के समय आवश्यक कृषि इनपुट आसानी से मिल सके।
FSAS के जरिए ऑनलाइन व्यवस्था
श्री विजय कुमार सिन्हा ने बताया कि किसानों को गुणवत्तायुक्त उर्वरक और बीज समय पर उपलब्ध कराने के लिए उर्वरक बिक्री व्यवस्था को डिजिटल एवं पारदर्शी बनाया जा रहा है। इसके लिए Framework for Fertilizer Sale Application System (FSAS) के माध्यम से ऑनलाइन व्यवस्था विकसित की गई है।
iFMS और AgriStack के एकीकरण से उर्वरक की खरीद-बिक्री प्रक्रिया को अधिक सुव्यवस्थित और पारदर्शी बनाने का प्रावधान किया गया है। इस व्यवस्था के तहत राज्य में पायलट प्रोजेक्ट के रूप में वैशाली और शेखपुरा जिलों में फार्मर आईडी के आधार पर उर्वरक बिक्री शुरू की गई।
इसके सफल क्रियान्वयन के बाद जहानाबाद, अरवल, शिवहर, लखीसराय और किशनगंज जिलों में भी यह व्यवस्था लागू की गई है।
किसान-केंद्रित व्यवस्था बनाने पर जोर
कृषि मंत्री ने कहा कि बिहार के किसानों को आधुनिक तकनीक से जोड़कर कृषि व्यवस्था को अधिक स्मार्ट, पारदर्शी और किसान-केंद्रित बनाना सरकार का संकल्प है। उर्वरक बिक्री की डिजिटल व्यवस्था इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
उन्होंने कहा कि ‘खेत बचाओ, गुणवत्तायुक्त बीज और खाद सुलभ कराओ’ अभियान का मूल उद्देश्य किसानों के खेत को सुरक्षित रखना और उन्हें गुणवत्तायुक्त कृषि इनपुट समय पर उपलब्ध कराना है। इसके लिए विभागीय पदाधिकारियों को नई व्यवस्था के बेहतर क्रियान्वयन के लिए आवश्यक प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है।
श्री सिन्हा ने कहा कि किसानों की सुविधा, पारदर्शिता और जवाबदेही को ध्यान में रखते हुए कृषि व्यवस्था को आधुनिक बनाना ही कृषि विभाग की प्राथमिकता है।



