- बांदा पुलिस के ‘ऑपरेशन मुस्कान’ के तहत बदौसा पुलिस ने 12 साल से लापता मो. सफीउर्रहमान को खोजकर उसके असम निवासी भाई और परिवार से मिलाया।
बांदा : करीब 12 वर्षों से बिछड़े भाई को अचानक सामने देखकर परिवार की आंखों से खुशी के आंसू छलक पड़े। वर्षों बाद दोनों भाई आमने-सामने आए तो भावनाओं का सैलाब उमड़ पड़ा। यह मिलन उत्तर प्रदेश में बांदा पुलिस के ‘ऑपरेशन मुस्कान’ अभियान के तहत संभव हुआ।
बदौसा थाना पुलिस ने लंबे समय से लापता एक व्यक्ति की पहचान कर उसे सकुशल उसके परिजनों तक पहुंचाया। पुलिस की इस पहल से परिवार को वर्षों बाद अपना बिछड़ा सदस्य वापस मिल गया।
चेकिंग के दौरान पुलिस की नजर पड़ी
क्षेत्राधिकारी अतर्रा सुश्री प्रतिज्ञा सिंह के मुताबिक, 25 अगस्त 2026 की शाम फतेहगंज तिराहे पर पुलिस टीम चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान पुलिस की नजर एक ऐसे व्यक्ति पर पड़ी, जो संदिग्ध और असहाय स्थिति में था।
पुलिस ने उसे रोककर बातचीत करने की कोशिश की, लेकिन उसकी भाषा स्पष्ट रूप से समझ में नहीं आ रही थी। वह अपने बारे में कोई स्पष्ट जानकारी देने और सही पता बताने में भी असमर्थ था।
व्यक्ति की सुरक्षा को देखते हुए पुलिस टीम उसे थाना बदौसा ले आई। वहां पुलिसकर्मियों ने उसे भरोसा दिलाया और धैर्यपूर्वक बातचीत के जरिए उसकी पहचान जानने का प्रयास जारी रखा।
इंटरनेट की मदद से परिवार तक पहुंची पुलिस
काफी प्रयास के बाद व्यक्ति ने अपना नाम मो. सफीउर्रहमान पुत्र हुसैन अली बताया। उसने अपना पता ग्राम वरगुला, जनपद बोंगाईगांव, असम बताया।
इसके बाद बदौसा पुलिस ने तकनीकी संसाधनों और इंटरनेट की मदद से असम में उसके बताए क्षेत्र से संपर्क करना शुरू किया। जांच के दौरान पुलिस की बातचीत उसके भाई शुजाउल हक, निवासी बलारपेट, थाना अभयापुरी, जनपद बोंगाईगांव, असम से हुई।
पुलिस ने वीडियो कॉल के जरिए दोनों पक्षों को आमने-सामने कराया। स्क्रीन पर अपने सामने सफीउर्रहमान को देखते ही शुजाउल हक ने उसे अपने उस भाई के रूप में पहचान लिया, जो करीब 12 वर्षों से परिवार से लापता था।
दस्तावेजों से हुई पहचान की पुष्टि
पहचान के बाद पुलिस ने संबंधित दस्तावेजों का मिलान किया। फोटो और वीडियो के जरिए भी पहचान की पुष्टि की गई।
इसके बाद परिवार को बांदा आने की जानकारी दी गई। रविवार, 30 अगस्त 2026 को मो. सफीउर्रहमान के परिजन लंबी दूरी तय कर थाना बदौसा पहुंचे।
आवश्यक सत्यापन और औपचारिकताएं पूरी करने के बाद पुलिस ने देर रात मो. सफीउर्रहमान को सकुशल उसके परिवार के हवाले कर दिया।
12 साल बाद लौटी परिवार की खुशियां
अपने बिछड़े भाई को 12 साल के इंतजार के बाद सामने पाकर परिवार की आंखें नम हो गईं। भाई के मिलने की खुशी में परिजनों की भावनाएं छलक पड़ीं और वर्षों से अधूरी उम्मीद आखिरकार पूरी हो गई।
परिजनों ने बदौसा पुलिस टीम और बांदा पुलिस के प्रयासों की सराहना करते हुए उनका आभार जताया। पुलिस की इस मानवीय पहल से न केवल एक लापता व्यक्ति अपने परिवार से मिला, बल्कि लंबे समय से बिछड़े परिवार में भी खुशियां लौट आईं।



