- कमलेश राम बोले—जनता की परेशानी दूर करना सरकार की प्राथमिकता होनी चाहिए
- ग्रामीणों की चेतावनी—जल्द नहीं जागा विभाग तो सड़कों पर और तेज होगा आंदोलन
मुकेश रंजन
Ranchi : कांके प्रखंड के बोडेया चौक से महाराजा मदरा मुंडा चौक तक जर्जर हो चुकी सड़क की मरम्मत की मांग को लेकर ग्रामीणों ने शनिवार को एक दिवसीय धरना दिया। सड़क की बदहाल स्थिति के कारण लंबे समय से लोगों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि कई बार सड़क की मरम्मत की मांग संबंधित विभाग और जनप्रतिनिधियों के समक्ष रखी जा चुकी है, लेकिन अब तक समस्या का स्थायी समाधान नहीं हुआ।
धरने में समाजसेवी सह भाजपा नेता कमलेश राम और जनजाति सुरक्षा मंच के मीडिया प्रभारी सोमा उरांव सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल हुए। धरनास्थल पर ग्रामीणों ने सड़क की दुर्दशा को लेकर नाराजगी जताई और शीघ्र मरम्मत की मांग की।
गड्ढों में तब्दील सड़क, हर कदम पर हादसे का खतरा
ग्रामीणों ने बताया कि सड़क पर जगह-जगह बड़े-बड़े गड्ढे बन गए हैं। इससे दोपहिया और चारपहिया वाहनों के साथ पैदल चलने वालों को भी परेशानी होती है। विशेषकर बारिश के दौरान गड्ढों में पानी भर जाने से सड़क की स्थिति और खतरनाक हो जाती है। ग्रामीणों ने कहा कि इस मार्ग से प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोग आवागमन करते हैं, इसलिए सड़क की जर्जर स्थिति किसी बड़े हादसे को न्योता दे रही है।
कमलेश राम ने कहा—जनता की परेशानी दूर करना जरूरी
धरने को संबोधित करते हुए भाजपा नेता कमलेश राम ने कहा कि सड़क की बदहाली से ग्रामीणों को प्रतिदिन परेशानी उठानी पड़ रही है। लंबे समय से मरम्मत की मांग के बावजूद यदि सड़क की स्थिति नहीं सुधारी जाती है, तो यह जनहित की अनदेखी होगी। उन्होंने संबंधित विभाग से तत्काल सड़क की स्थिति का निरीक्षण कर मरम्मत कार्य शुरू कराने की मांग की।
सोमा उरांव की चेतावनी—मांग पूरी नहीं हुई तो आंदोलन होगा तेज
जनजाति सुरक्षा मंच के मीडिया प्रभारी सोमा उरांव ने कहा कि ग्रामीणों की समस्या को लगातार नजरअंदाज किया जा रहा है। जर्जर सड़क के कारण आवागमन प्रभावित है और दुर्घटना का खतरा बना रहता है। उन्होंने कहा कि सड़क की मरम्मत जल्द शुरू नहीं हुई तो ग्रामीण आंदोलन को और व्यापक रूप देंगे।
धरने के माध्यम से ग्रामीणों ने संबंधित विभाग और जनप्रतिनिधियों से बोडेया चौक से महाराजा मदरा मुंडा चौक तक सड़क की शीघ्र मरम्मत कराने की मांग की। ग्रामीणों ने स्पष्ट किया कि मांग पूरी नहीं होने की स्थिति में चरणबद्ध तरीके से आंदोलन तेज किया जाएगा।



