- बिहार में बाढ़ की स्थिति नियंत्रण में है। विजय चौधरी ने बताया कि गंगा का जलस्तर बढ़ने से कई नदियों में बैकवाटर का असर है और 171 स्थलों पर फ्लड फाइटिंग जारी है।
Patna : बिहार में गंगा समेत विभिन्न नदियों का जलस्तर बढ़ने के बावजूद बाढ़ की स्थिति नियंत्रण में है। उपमुख्यमंत्री सह जल संसाधन मंत्री विजय कुमार चौधरी ने सोमवार को कहा कि जल संसाधन विभाग और जिला प्रशासन की लगातार निगरानी से स्थिति संभली हुई है और अगले एक-दो दिनों में इसमें और सुधार की उम्मीद है।
विजय कुमार चौधरी ने सोमवार शाम सिंचाई भवन स्थित जल संसाधन विभाग के सभागार में पत्रकार वार्ता के दौरान यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि बाढ़ का मौसम चुनौतीपूर्ण है, लेकिन विभाग और प्रशासन पूरी सतर्कता के साथ स्थिति पर नजर रख रहे हैं।
गंगा का जलस्तर अब तक के उच्चतम स्तर पर
विजय चौधरी ने कहा कि इस वर्ष बाढ़ की स्थिति कुछ अलग है। गंगा नदी के जलश्राव में काफी वृद्धि हुई है। इसके चलते गांधीघाट पर गंगा का जलस्तर इस वर्ष अब तक के उच्चतम स्तर 50.58 मीटर तक पहुंच गया है। वर्ष 2016 में यहां गंगा का उच्चतम जलस्तर 50.52 मीटर दर्ज किया गया था।
उन्होंने बताया कि गंगा का जलस्तर लगातार बढ़ने और लंबे समय तक ऊंचा बने रहने से कई स्थानों पर बैकवाटर का प्रभाव देखने को मिल रहा है। गंगा में मिलने वाली अन्य नदियों का पानी आसानी से नहीं निकल पाने के कारण गंडक और पुनपुन समेत कई नदियों के निचले हिस्सों में जलस्तर बढ़ा है।
क्षतिग्रस्त बांध पर सुरक्षात्मक कार्य से स्थिति संभली
उपमुख्यमंत्री ने बताया कि हाल ही में भागलपुर जिले के खरीक प्रखंड में गंगा नदी पर निर्मित काजीकोरैया-राघोपुर मार्जिनल बांध क्षतिग्रस्त हुआ था। जल संसाधन विभाग के अधिकारियों और अभियंताओं ने लगातार प्रयास कर आवश्यक सुरक्षात्मक कार्य कराया।
इन प्रयासों से आबादी वाले क्षेत्रों में पानी के फैलाव को रोकने में सफलता मिली। वर्तमान में उक्त स्थल सुरक्षित है।
विजय चौधरी ने कहा कि गंगा के जलस्तर में अब धीरे-धीरे कमी आने की उम्मीद है। जल संसाधन विभाग राज्य के विभिन्न तटबंधों और संवेदनशील स्थलों की दिन-रात निगरानी कर रहा है।
उन्होंने कहा कि तटबंध सुरक्षित रहेंगे तो आबादी भी सुरक्षित रहेगी। इसी उद्देश्य से विभागीय अधिकारी और अभियंता संवेदनशील स्थलों पर लगातार नजर बनाए हुए हैं।
171 स्थलों पर फ्लड फाइटिंग का काम
मंत्री ने बताया कि पिछले एक सप्ताह में गंगा और अन्य नदियों में अत्यधिक जलश्राव तथा ऊंचे जलस्तर के बावजूद जल संसाधन विभाग ने 171 स्थलों पर फ्लड फाइटिंग का काम किया है। इसके जरिए तटबंधों को सुरक्षित रखने का प्रयास किया गया है।
इनमें 14 स्थलों पर तटबंधों में रिसाव अथवा क्षति की स्थिति उत्पन्न हुई थी। इनमें से 11 स्थलों पर कम से कम समय में मरम्मत का काम पूरा कर लिया गया है, जबकि शेष तीन स्थलों पर मरम्मत कार्य युद्धस्तर पर जारी है।
विजय चौधरी ने कहा कि इस वर्ष अब तक का सर्वाधिक पानी आने के बावजूद स्थिति नियंत्रण में है। विभागीय अधिकारी और अभियंता तटबंधों तथा संवेदनशील स्थलों की लगातार निगरानी कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि प्रशासन की प्राथमिकता तटबंधों को सुरक्षित रखना और किसी भी संभावित खतरे से आबादी की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। उन्होंने भरोसा जताया कि अगले एक-दो दिनों में जलस्तर की स्थिति में और सुधार देखने को मिलेगा।

