सेना में नौकरी का झांसा, 6.50 लाख की ठगी

WhatsApp Group जुड़ने के लिए क्लिक करें 👉 Join Now मिलिट्री इंटेलिजेंस की सूचना पर रांची पुलिस की कार्रवाई, फर्जी नियुक्ति पत्रों का जखीरा बरामद मुकेश रंजन Ranchi: सेना, मिलिट्री इंजीनियरिंग सर्विस (एमईएस) और रेलवे में सरकारी नौकरी दिलाने का झांसा देकर युवाओं से लाखों

सेना में नौकरी का झांसा, 6.50 लाख की ठगी
WhatsApp Group जुड़ने के लिए क्लिक करें 👉 Join Now
  • मिलिट्री इंटेलिजेंस की सूचना पर रांची पुलिस की कार्रवाई, फर्जी नियुक्ति पत्रों का जखीरा बरामद

मुकेश रंजन 

Ranchi: सेना, मिलिट्री इंजीनियरिंग सर्विस (एमईएस) और रेलवे में सरकारी नौकरी दिलाने का झांसा देकर युवाओं से लाखों रुपये की कथित ठगी करने वाले गिरोह का रांची पुलिस और मिलिट्री इंटेलिजेंस ने खुलासा किया है। कोलकाता मिलिट्री इंटेलिजेंस से मिले इनपुट के आधार पर संयुक्त टीम ने कार्रवाई करते हुए गिरोह के एक आरोपी गौतम कुमार को गिरफ्तार किया है। उसके कब्जे और ठिकाने से सेना व एमईएस से संबंधित बड़ी संख्या में कथित फर्जी नियुक्ति पत्र और अन्य दस्तावेज बरामद किये गये हैं।

पुलिस के अनुसार, आरोपी युवाओं को सेना, एमईएस और रेलवे में सरकारी नौकरी दिलाने का भरोसा दिलाकर उनसे मोटी रकम वसूलता था। इसके बाद उन्हें नियुक्ति पत्र समेत ऐसे दस्तावेज दिखाये जाते थे, जिनसे पूरी प्रक्रिया वास्तविक प्रतीत हो। पुलिस की प्रारंभिक जांच में कई युवाओं के इस कथित ठगी के जाल में फंसने की जानकारी सामने आयी है।

होटल से दबोचा गया आरोपी

संयुक्त टीम ने कार्रवाई करते हुए गौतम कुमार को रिंग रोड स्थित एक होटल से गिरफ्तार किया। पुलिस के अनुसार, आरोपी रांची के सदर थाना क्षेत्र स्थित आरटीसी स्कूल, लवकुश टावर का रहने वाला है। उसके ठिकाने की तलाशी के दौरान सेना और एमईएस से संबंधित कई दस्तावेज मिले। जांच में इनमें से कई कागजात प्रथमदृष्टया फर्जी पाये गये हैं। पुलिस को आशंका है कि इन दस्तावेजों का इस्तेमाल युवाओं को नौकरी दिलाने का विश्वास पैदा करने के लिए किया जाता था।

6.50 लाख रुपये देने की शिकायत

मामले के शिकायतकर्ता योगेश कुमार ने ऑनलाइन भुगतान के माध्यम से आरोपी को 6.50 लाख रुपये देने की बात प्राथमिकी में कही है। प्राथमिकी में गौतम कुमार के अलावा चंदन कुमार सिंह और मृत्युंजय कुमार के नाम भी सामने आये हैं। पुलिस दोनों की भूमिका की जांच कर रही है तथा उनकी तलाश में जुटी है।

गिरोह की जड़ तक पहुंचने में जुटी पुलिस

पुलिस अब पूरे नेटवर्क की पड़ताल में जुट गयी है। जांच का दायरा इस बात तक बढ़ाया जा रहा है कि फर्जी नियुक्ति पत्र और अन्य दस्तावेज कहां तैयार किये जाते थे, गिरोह में कितने लोग शामिल हैं और अब तक कितने युवाओं से नौकरी के नाम पर रकम वसूली गयी है। पुलिस बरामद दस्तावेजों और लेन-देन से जुड़े साक्ष्यों की भी जांच कर रही है। मामले में आगे और गिरफ्तारियां होने की संभावना जतायी जा रही है।

WhatsApp Group जुड़ने के लिए क्लिक करें 👉 Join Now
Facebook
X
Threads
WhatsApp
Telegram
संबंधित खबरें.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

अभी-अभी.