पटना: कभी रोजगार की तलाश में दूसरे राज्य जाकर महज 10 से 15 हजार रुपये की नौकरी करने वाली बांका की बबीता कुमारी आज अपने गांव में फुटबॉल निर्माण की इकाई चला रही हैं। मुख्यमंत्री महिला उद्यमी योजना के तहत मिले ऋण की मदद से उन्होंने घर से ही फुटबॉल निर्माण का कारोबार शुरू किया और अब उनकी इकाई का सालाना टर्नओवर 40 लाख रुपये से अधिक बताया जा रहा है। बांका जिले के बाराहाट प्रखंड के नया नगरी गांव की रहने वाली बबीता कुमारी की कहानी उन महिलाओं के लिए मिसाल बन रही है, जो अपने गांव में रहकर खुद का रोजगार शुरू करना चाहती हैं। उनके उद्यम से न केवल उन्हें आर्थिक मजबूती मिली, बल्कि 50 से अधिक महिलाओं को रोजगार भी मिला है।
जालंधर में करती थीं फुटबॉल बनाने का काम
बबीता कुमारी ने बताया कि आर्थिक स्थिति ठीक नहीं होने के कारण वह अपने पति के साथ जालंधर स्थित फुटबॉल निर्माण कारखाने में काम करती थीं। वहां दोनों मिलकर लंबे समय तक काम करते थे और इसके बदले उन्हें करीब 10 से 15 हजार रुपये की आमदनी होती थी। इसी दौरान उन्हें समाचार पत्र के माध्यम से मुख्यमंत्री महिला उद्यमी योजना की जानकारी मिली। इसके बाद उन्होंने योजना के तहत ऑनलाइन आवेदन किया और ऋण प्राप्त कर अपने गांव में ही फुटबॉल निर्माण की इकाई स्थापित कर दी।
50 से अधिक महिलाओं को मिला रोजगार
बबीता के अनुसार, उनकी निर्माण इकाई में फिलहाल 50 से अधिक महिलाएं काम कर रही हैं। उनकी ओर से तैयार किए जा रहे फुटबॉल की मांग बिहार के अलावा झारखंड, पश्चिम बंगाल, ओडिशा और असम में भी है। उन्होंने बताया कि जिस काम के लिए उन्हें कभी दूसरे राज्य में जाकर कम आमदनी में काम करना पड़ता था, उसी काम को अब उन्होंने अपने गांव में कारोबार का रूप दे दिया है। उनके उद्यम का टर्नओवर 40 लाख रुपये से अधिक पहुंच चुका है। बबीता ने अपनी सफलता का श्रेय मुख्यमंत्री महिला उद्यमी योजना को देते हुए कहा कि योजना की मदद से उन्हें अपने ही क्षेत्र में व्यवसाय खड़ा करने का अवसर मिला।
7 लाख रुपये के ऋण से ममता ने शुरू की फ्लोर मिल
बांका जिले के भीतिया गांव की रहने वाली ममता कुमारी ने भी मुख्यमंत्री महिला उद्यमी योजना का लाभ लेकर अपना कारोबार शुरू किया। उन्होंने बताया कि वर्ष 2024 में योजना के तहत 7 लाख रुपये का ऋण मिलने के बाद उन्होंने गांव में फ्लोर मिल शुरू की। ममता फिलहाल आटा और बेसन का उत्पादन कर रही हैं। उनके मुताबिक, इस कारोबार से उन्हें हर महीने 50 हजार रुपये से अधिक की कमाई हो रही है। साथ ही उन्होंने आसपास के गांवों के पांच लोगों को रोजगार भी दिया है।

2021 में शुरू हुई थी मुख्यमंत्री महिला उद्यमी योजना
मुख्यमंत्री महिला उद्यमी योजना की शुरुआत वर्ष 2021 में की गई थी। योजना का उद्देश्य महिलाओं को स्वरोजगार के लिए आर्थिक सहायता उपलब्ध कराकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, योजना के तहत इच्छुक महिलाओं को स्वरोजगार शुरू करने के लिए 10 लाख रुपये तक की सहायता/ऋण का प्रावधान है। सरकारी योजना का लाभ लेकर बबीता और ममता जैसी महिलाएं अपने गांव में ही कारोबार खड़ा कर रही हैं। इससे उन्हें रोजगार तो मिला ही, साथ ही आसपास की अन्य महिलाओं और लोगों के लिए भी रोजगार के अवसर तैयार हुए हैं।



