जमुई कांड पर तेजस्वी यादव और जीतन राम मांझी आमने-सामने, आरोपियों पर कार्रवाई को लेकर छिड़ी सियासत

Jamui Case पर तेजस्वी यादव ने आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। जीतन राम मांझी के बयान के बाद जाति को लेकर भी सियासत तेज हुई।
तेजस्वी यादव और जीतन राम मांझी
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Jamui : बिहार के जमुई में नाबालिग छात्रा से बदसलूकी के मामले को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। मामले में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी बताए जा रहे नंदन यादव को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, उसके पैर में गोली लगी और उसे इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया। एक अन्य आरोपी हरेराम यादव के भी पकड़े जाने की रिपोर्ट सामने आई है। इस मामले में पुलिस ने वीडियो फुटेज के आधार पर आरोपियों की पहचान की है। रिपोर्टों के मुताबिक, मामले में करीब सात आरोपियों की पहचान किए जाने की बात सामने आई है और जांच के लिए एसआईटी भी गठित की गई है।

तेजस्वी यादव ने उठाए कार्रवाई पर सवाल

नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने जमुई की घटना को लेकर राज्य सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग करते हुए पुलिस से सवाल किया कि मामले में शामिल सभी आरोपियों के खिलाफ अब तक क्या कार्रवाई हुई है। तेजस्वी यादव ने यह भी कहा कि ऐसे मामले में जाति को मुद्दा नहीं बनाया जाना चाहिए। उनके अनुसार, अपराध को अपराध के तौर पर देखा जाना चाहिए और आरोपियों के खिलाफ कानून के तहत कार्रवाई होनी चाहिए।

जीतन राम मांझी ने तेजस्वी पर साधा निशाना

इस बीच केंद्रीय मंत्री और हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (HAM) के संरक्षक जीतन राम मांझी ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए तेजस्वी यादव पर तंज कसा। उन्होंने जमुई पुलिस की कार्रवाई का उल्लेख करते हुए तेजस्वी पर जातिगत संदर्भ में टिप्पणी की। मांझी ने अपने बयान में तेजस्वी यादव के कथित ‘भाई’ वाले राजनीतिक संदर्भ का इस्तेमाल करते हुए कहा कि जमुई मामले के आरोपियों के खिलाफ सरकार कार्रवाई कर रही है। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार अपराध के मामलों में किसी को नहीं बख्शेगी।

जाति के मुद्दे पर तेज हुआ पलटवार

मांझी के बयान के बाद तेजस्वी यादव की ओर से भी प्रतिक्रिया सामने आई। तेजस्वी ने कहा कि गंभीर आपराधिक मामले में जाति को बीच में नहीं लाया जाना चाहिए। उन्होंने आरोपियों को कानून के तहत सजा दिए जाने की बात कही। इस तरह जमुई की घटना पर पुलिस कार्रवाई के साथ-साथ बिहार की राजनीति में भी बयानबाजी तेज हो गई है।

जमुई मामले में अब तक क्या हुआ?

मामले में पुलिस की कार्रवाई को लेकर उपलब्ध रिपोर्टों में ये प्रमुख बातें सामने आई हैं:

  • नाबालिग छात्रा से बदसलूकी के मामले में एफआईआर दर्ज की गई।
  • पुलिस ने वायरल वीडियो को जांच का महत्वपूर्ण आधार बनाया।
  • जांच में करीब सात आरोपियों की पहचान किए जाने की जानकारी सामने आई है।
  • मामले की जांच के लिए एसआईटी गठित की गई है।
  • मुख्य आरोपी बताए जा रहे नंदन यादव को पुलिस कार्रवाई के बाद गिरफ्तार किया गया और अस्पताल में इलाज कराया गया।
  • एक अन्य आरोपी हरेराम यादव को भी पुलिस ने गिरफ्तार किए जाने की रिपोर्ट सामने आई है।

आगे जांच और कानूनी कार्रवाई पर नजर

जमुई मामले में पुलिस जांच जारी है। आरोपियों के खिलाफ आगे की कानूनी कार्रवाई जांच और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर होगी। वहीं, घटना को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के नेताओं के बीच बयानबाजी ने इसे बिहार की मौजूदा राजनीतिक बहस का भी हिस्सा बना दिया है। मामले में आरोपों और राजनीतिक दावों को अंतिम निष्कर्ष मानने के बजाय जांच तथा न्यायिक प्रक्रिया के परिणाम का इंतजार करना महत्वपूर्ण होगा।

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