Dhanbad : ग्रामीण महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़कर आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में धनबाद जिला प्रशासन ने एक नई पहल की है। टुंडी प्रखंड की 17 महिलाओं को अब मधुमक्खी पालन के जरिए कमाई का मौका मिलेगा। इसके लिए महिलाओं को तीन दिवसीय विशेष प्रशिक्षण देने के साथ मधुमक्खी पालन से जुड़े जरूरी उपकरण भी उपलब्ध कराए गए हैं।
उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी आदित्य रंजन के निर्देश पर वित्तीय वर्ष 2026-27 के तहत जिला उद्यान कार्यालय की ओर से टुंडी प्रखंड के जामकोल और सनियाडीह पंचायत में यह प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें झारखंड स्टेट लाइवलीहुड प्रमोशन सोसाइटी से जुड़ी स्वयं सहायता समूह की 17 महिलाओं ने हिस्सा लिया।
प्रशिक्षण पूरा होने के बाद लाभुक महिलाओं के बीच 20 मधुमक्खी कॉलोनी, 20 आठ-फ्रेम वाले मधुमक्खी बक्से, एक हनी एक्सट्रैक्टर मशीन और अन्य आवश्यक उपकरण वितरित किए गए। जिला उद्यान पदाधिकारी अमितेश रंजन और स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने प्रशिक्षित महिलाओं को प्रमाण-पत्र भी दिया गया।
जिला उद्यान पदाधिकारी अमितेश रंजन ने बताया कि इस पहल का उद्देश्य ग्रामीण महिलाओं को मधुमक्खी पालन के माध्यम से स्वरोजगार उपलब्ध कराना और उनकी आमदनी बढ़ाना है। इससे महिलाएं आर्थिक रूप से मजबूत और आत्मनिर्भर बन सकेंगी।
मधुमक्खी पालन से न केवल शहद का उत्पादन होगा, बल्कि फसलों में परागण की प्रक्रिया को भी बढ़ावा मिलेगा। इससे कृषि और बागवानी फसलों की उत्पादकता में वृद्धि होने की उम्मीद है।
जिला प्रशासन की इस पहल से टुंडी की ग्रामीण महिलाओं के लिए रोजगार और आत्मनिर्भरता के नए अवसर खुलने की उम्मीद है।



