Darbhanga: मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (DMCH) में जूनियर डॉक्टरों की हड़ताल के कारण स्वास्थ्य सेवाएं बुरी तरह प्रभावित हुई हैं। बुधवार रात हुए विवाद के बाद जूनियर डॉक्टरों ने इमरजेंसी सेवा का बहिष्कार शुरू किया। इसके बाद गुरुवार सुबह OPD सेवा भी बंद कर दी गई। करीब 13 घंटे से जारी विरोध के कारण इलाज के लिए डीएमसीएच पहुंचे मरीजों और उनके परिजनों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। दरभंगा के अलावा सहरसा, मधेपुरा, सुपौल, मधुबनी समेत आसपास के कई जिलों से मरीज इलाज के लिए डीएमसीएच पहुंचते हैं। ऐसे में ओपीडी और इमरजेंसी सेवाओं के प्रभावित होने से बड़ी संख्या में मरीजों को परेशानी हो रही है।
मरीज को दिखाने को लेकर हुआ विवाद
जानकारी के अनुसार, बुधवार रात डीएमसीएच के मेडिसिन विभाग में एक मरीज को डॉक्टर को दिखाने को लेकर महिला परिजन और जूनियर डॉक्टर के बीच विवाद हो गया। जूनियर डॉक्टरों का आरोप है कि महिला परिजन ने ड्यूटी पर मौजूद डॉक्टर के साथ गाली-गलौज की। घटना के बाद अस्पताल में स्थिति तनावपूर्ण हो गई। सूचना मिलने पर बेंता थाना की पुलिस डीएमसीएच पहुंची और संबंधित महिला परिजन को पुलिस संरक्षण में लिया। इसके बाद जूनियर डॉक्टरों ने इमरजेंसी सेवा का बहिष्कार करते हुए हड़ताल शुरू कर दी।
एक महीने में दूसरी घटना का दावा
जूनियर डॉक्टरों का कहना है कि मेडिसिन विभाग में करीब एक महीने के भीतर इस तरह की यह दूसरी घटना है। डॉक्टरों ने अस्पताल में ड्यूटी के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चिंता जताई है।
जूनियर डॉक्टरों की प्रमुख मांगें हैं:
- डॉक्टरों के साथ दुर्व्यवहार की घटनाओं पर मुकदमा दर्ज किया जाए।
- ड्यूटी पर तैनात चिकित्सकों को पर्याप्त सुरक्षा मिले।
- अस्पताल परिसर में सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया जाए।
- डॉक्टरों के साथ होने वाली ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए ठोस व्यवस्था की जाए।
OPD बंद होने से मरीजों की बढ़ी परेशानी
इमरजेंसी सेवा प्रभावित होने के बाद गुरुवार सुबह जूनियर डॉक्टरों ने OPD सेवा भी बंद करा दी। इससे पहले से इलाज के लिए अस्पताल पहुंचे मरीजों और उनके परिजनों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। DMCH उत्तर बिहार के प्रमुख सरकारी चिकित्सा संस्थानों में शामिल है। यहां दरभंगा के साथ-साथ आसपास के कई जिलों से मरीज इलाज के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में ओपीडी और इमरजेंसी सेवाओं पर असर पड़ने से मरीजों की परेशानी और बढ़ गई है।
हड़ताल खत्म कराने में जुटा अस्पताल प्रशासन
जूनियर डॉक्टरों की हड़ताल की जानकारी मिलने के बाद अस्पताल प्रशासन ने उनसे बातचीत शुरू कर दी है। डीएमसीएच के प्राचार्य डॉ. यूसी जहां, अस्पताल अधीक्षक डॉ. जगदीश चंद्रा समेत अन्य अधिकारी जूनियर डॉक्टरों से वार्ता कर हड़ताल समाप्त कराने का प्रयास कर रहे हैं। अस्पताल परिसर में सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए पुलिस बल की तैनाती भी की गई है।
बातचीत से समाधान की कोशिश
फिलहाल अस्पताल प्रशासन और जूनियर डॉक्टरों के बीच बातचीत जारी है। डॉक्टर सुरक्षा को लेकर अपनी मांगों पर कायम हैं, जबकि प्रशासन की कोशिश स्वास्थ्य सेवाओं को जल्द सामान्य कराने की है। हड़ताल कब तक जारी रहेगी और इमरजेंसी व OPD सेवाएं पूरी तरह कब बहाल होंगी, यह बातचीत के नतीजे पर निर्भर करेगा। इस बीच मरीजों की परेशानी को देखते हुए अस्पताल प्रशासन पर सेवाओं को जल्द सामान्य करने का दबाव बढ़ गया है।




