एक क्लिक पर मिलेगी गयाजी की पूरी जानकारी, पिंडदान से होटल और यातायात तक डिजिटल सुविधा

गयाजी पितृपक्ष मेला 25 सितंबर से शुरू होगा। ‘पिंडदान गया जी’ ऐप से पिंडदान, आवासन, यातायात, स्वास्थ्य और सुरक्षा की जानकारी मिलेगी।
एक क्लिक पर मिलेगी गयाजी की पूरी जानकारी
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Gayaji: बिहार के गया में पितृपक्ष मेला 2026 को लेकर तैयारियां पूरी हो गई हैं। 25 सितंबर से 10 अक्टूबर तक गयाजी और पुनपुन में आयोजित होने वाले इस मेले में देश-विदेश से बड़ी संख्या में पिंडदानी पहुंचेंगे। श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए इस बार पारंपरिक व्यवस्थाओं के साथ डिजिटल सुविधाओं पर भी खास जोर दिया गया है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी 25 सितंबर को गयाजी में पितृपक्ष मेले का उद्घाटन करेंगे। मेले में आने वाले श्रद्धालुओं के लिए ‘पिंडदान गया जी’ मोबाइल ऐप और वेबसाइट को डिजिटल सहायक के रूप में तैयार किया गया है। इसके जरिए पिंडदान की वेदियों से लेकर रहने, यातायात, पार्किंग, स्वास्थ्य, सुरक्षा और आपातकालीन सेवाओं की जानकारी एक ही जगह मिल सकेगी।

‘पिंडदान गया जी’ ऐप से पहले से बना सकेंगे यात्रा का प्लान

पिंडदानी गयाजी पहुंचने से पहले ही ऐप और वेबसाइट के माध्यम से अपनी यात्रा की तैयारी कर सकेंगे। यहां अलग-अलग पिंडदान वेदियों, धार्मिक अनुष्ठानों और पंडा से जुड़ी जानकारी उपलब्ध कराई गई है। इसके अलावा श्रद्धालुओं को टेंट सिटी, सरकारी आवासन, होटल, गेस्ट हाउस और धर्मशालाओं की उपलब्धता, क्षमता और संपर्क संबंधी जानकारी भी ऑनलाइन मिल सकेगी। ऑनलाइन पंजीकरण की सुविधा से पिंडदानी यात्रा पर निकलने से पहले ही आवासन और पिंडदान से जुड़ी आवश्यक व्यवस्थाओं की जानकारी हासिल कर सकेंगे।

रेलवे से लेकर ई-रिक्शा तक, परिवहन की जानकारी भी ऑनलाइन

गयाजी पहुंचने वाले श्रद्धालुओं के लिए परिवहन से जुड़ी जानकारी भी डिजिटल प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध होगी। इसमें रेलवे समय-सारणी, हवाई कनेक्टिविटी और स्थानीय परिवहन के विकल्प शामिल हैं। ऐप पर प्रमुख मार्गों और पार्किंग स्थलों की जानकारी के साथ प्रीपेड ऑटो-टैक्सी, ई-रिक्शा, ऑटो रिक्शा और बसों के निर्धारित किराये की जानकारी भी दी जाएगी। इससे बाहर से आने वाले पिंडदानियों को स्थानीय परिवहन व्यवस्था समझने में आसानी होगी।

खोया-पाया की डिजिटल सुविधा

मेले में बड़ी संख्या में लोगों की मौजूदगी को देखते हुए डिजिटल खोया-पाया सुविधा भी उपलब्ध कराई जा रही है। इसके जरिए लापता व्यक्ति से संबंधित सूचना दर्ज कराने और उपलब्ध जानकारी हासिल करने में मदद मिलेगी। इसके अलावा पुलिस, अस्पताल, एंबुलेंस, स्वास्थ्य शिविर और हेल्पलाइन के संपर्क नंबर भी डिजिटल माध्यम से उपलब्ध रहेंगे।

बुजुर्ग और दिव्यांग श्रद्धालुओं के लिए 150 ई-रिक्शा मुफ्त

मेले में आने वाले बुजुर्ग और दिव्यांग पिंडदानियों के लिए विशेष परिवहन सुविधा की व्यवस्था की गई है। ऐसे श्रद्धालुओं के लिए 150 ई-रिक्शा निशुल्क उपलब्ध रहेंगे। ये ई-रिक्शा मुख्य रूप से चांद चौरा चौक से विष्णुपद और विष्णुपद से बंगाली आश्रम के बीच संचालित किए जाएंगे। इसके अलावा श्रद्धालुओं के लिए 2,500 बेड की टेंट सिटी तैयार की गई है। यहां सूचना केंद्र और समर्पित हेल्पलाइन की व्यवस्था भी रहेगी। प्रशिक्षित पर्यटक गाइड श्रद्धालुओं को आवश्यक जानकारी देने में मदद करेंगे।

CCTV और ड्रोन से होगी मेला क्षेत्र की निगरानी

पितृपक्ष मेले में भीड़ प्रबंधन और सुरक्षा के लिए तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा। पूरे मेला क्षेत्र में सीसीटीवी, ड्रोन और वीडियो कैमरों के जरिए निगरानी की व्यवस्था की गई है। बेहतर भीड़ प्रबंधन के लिए मेला क्षेत्र को 5 जोन और 54 सेक्टरों में बांटा गया है। स्वच्छता के लिए तीन पालियों में व्यवस्था की गई है।

इसके अलावा मेला क्षेत्र में इन सुविधाओं पर विशेष ध्यान दिया गया है—

  • पेयजल
  • प्रकाश व्यवस्था
  • पार्किंग
  • स्वास्थ्य सेवाएं
  • पुलिस और सुरक्षा व्यवस्था
  • शौचालय एवं स्वच्छता
  • सूचना केंद्र और हेल्पलाइन

भाषा की परेशानी भी होगी कम

देश के अलग-अलग हिस्सों से आने वाले श्रद्धालुओं को भाषा संबंधी परेशानी न हो, इसके लिए ‘मे आई हेल्प यू’ काउंटरों पर एआई आधारित गूगल ट्रांसलेटर की सुविधा उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है।

पुनपुन में 5 हजार लोगों की क्षमता वाला पंडाल

पितृपक्ष मेले का आयोजन केवल गयाजी तक सीमित नहीं रहेगा। पुनपुन में भी पिंडदानियों के लिए व्यापक इंतजाम किए गए हैं। पुनपुन घाट पर 5 हजार लोगों की क्षमता वाला पंडाल तैयार किया गया है। यहां पिंडदान और पूजा-अनुष्ठान के साथ पेयजल, शौचालय, रोशनी, स्वच्छता, स्वास्थ्य और सुरक्षा की सुविधाएं उपलब्ध रहेंगी। पुनपुन में भी सूचना केंद्र, हेल्पलाइन और गाइड की व्यवस्था की गई है। यातायात और पार्किंग को लेकर भी विशेष इंतजाम किए गए हैं।

पिंडदान पैकेज में कई सुविधाएं शामिल

पिंडदानियों के लिए विशेष पिंडदान पैकेज भी उपलब्ध कराया जा रहा है। इसमें परिवहन, पूजा सामग्री, पिंडदान, भोजन और आवासन जैसी सुविधाओं को शामिल किया गया है। इसके अलावा ई-पिंडदान की सुविधा भी उपलब्ध कराई जा रही है।

पिंडदान के साथ बिहार घूमने का भी मौका

पितृपक्ष के दौरान गयाजी आने वाले श्रद्धालुओं को बिहार के दूसरे धार्मिक और पर्यटन स्थलों तक पहुंचाने के लिए पर्यटन विभाग की ओर से विशेष यात्रा पैकेज भी उपलब्ध कराए जा रहे हैं। इससे श्रद्धालु पिंडदान और धार्मिक अनुष्ठानों के साथ बिहार के प्रमुख पर्यटन स्थलों को भी देख सकेंगे। वहीं, फल्गु नदी के तट पर महाआरती के आयोजन का भी प्रस्ताव है।

डिजिटल व्यवस्था से आसान होगी पिंडदानियों की यात्रा

पितृपक्ष मेले में इस बार डिजिटल सुविधाओं को शामिल करने का उद्देश्य श्रद्धालुओं को जरूरी जानकारी एक ही प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध कराना है। पिंडदान की वेदी और धार्मिक अनुष्ठान से लेकर होटल, परिवहन, पार्किंग, स्वास्थ्य और सुरक्षा तक की जानकारी डिजिटल माध्यम से मिलने से गयाजी आने वाले लोगों को अपनी यात्रा की तैयारी पहले से करने का विकल्प मिलेगा। वहीं, मेला क्षेत्र में टेंट सिटी, ई-रिक्शा, हेल्पलाइन, स्वास्थ्य शिविर और सुरक्षा व्यवस्था जैसी सुविधाओं का उद्देश्य बड़ी संख्या में आने वाले पिंडदानियों की यात्रा को व्यवस्थित रखना है।

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