Bihar Train Cancelled: बिहार में रेल यात्रियों की परेशानी बढ़ने वाली है। मोकामा के पास गंगा नदी पर बने राजेंद्र पुल के समानांतर तैयार नए रेल पुल को मौजूदा नेटवर्क से जोड़ने के लिए नॉन-इंटरलॉकिंग का काम किया जा रहा है। इसके कारण 25 और 26 सितंबर को कई ट्रेनों का परिचालन प्रभावित रहेगा। रेलवे ने करीब 51 ट्रेनों को रद्द किया है, जबकि 47 ट्रेनों को बदले हुए रूट से चलाने का फैसला लिया गया है। अगर आपने इन तारीखों में बिहार आने-जाने के लिए ट्रेन का टिकट बुक कर रखा है तो घर से निकलने से पहले अपनी ट्रेन का रनिंग स्टेटस जरूर जांच लें। रूट बदलने के साथ कुछ ट्रेनों के निर्धारित स्टॉपेज में भी बदलाव किया गया है।
राजेंद्र पुल पर क्यों लिया गया ट्रैफिक ब्लॉक?
मोकामा के पास गंगा नदी पर बने पुराने राजेंद्र पुल के बगल में नया डबल-लाइन रेल पुल तैयार किया गया है। अब इस नए पुल को मौजूदा रेल नेटवर्क से जोड़ने के लिए नॉन-इंटरलॉकिंग का काम चल रहा है। इस प्रक्रिया के दौरान नई रेल लाइन को सिग्नलिंग और मौजूदा ट्रैक सिस्टम से जोड़ा जाता है। काम के दौरान रेल यातायात को नियंत्रित करना जरूरी होता है, इसलिए बड़ी संख्या में ट्रेनों को रद्द या डायवर्ट किया गया है। नया रेल पुल अपर हाथीदह जंक्शन, रामपुर डुमरा, दिनकर ग्राम सिमरिया और बरौनी जंक्शन के रेल नेटवर्क को आपस में जोड़ने में अहम भूमिका निभाएगा।
26 सितंबर को इन ट्रेनों पर असर
रेलवे की सूची में 26 सितंबर के लिए कई प्रमुख ट्रेनों को रद्द किए जाने की जानकारी दी गई है। प्रभावित ट्रेनों में एक्सप्रेस, इंटरसिटी, सुपरफास्ट और मेमू ट्रेनें शामिल हैं।
प्रमुख रद्द ट्रेनों में शामिल हैं:
- हावड़ा-मोकामा एक्सप्रेस
- मोकामा-हावड़ा एक्सप्रेस
- हावड़ा-जयनगर एक्सप्रेस
- जयनगर-हावड़ा एक्सप्रेस
- रक्सौल-हावड़ा एक्सप्रेस
- कोलकाता-जयनगर एक्सप्रेस
- कोलकाता-सीतामढ़ी एक्सप्रेस
- सहरसा-पटना इंटरसिटी
- पटना-सहरसा इंटरसिटी
- मुजफ्फरपुर-भागलपुर जनसेवा एक्सप्रेस
- अजमेर-भागलपुर हमसफर
- गोरखपुर-आसनसोल एक्सप्रेस
- मालदा-नई दिल्ली एक्सप्रेस
- हावड़ा-दरभंगा एक्सप्रेस
- जयनगर-पटना एक्सप्रेस
- पटना-जयनगर एक्सप्रेस
इसके अलावा पुरी-पटना एक्सप्रेस, गोरखपुर-रांची एक्सप्रेस, झांसी-कोलकाता सुपरफास्ट, बिलासपुर-बक्सर सुपरफास्ट, आरा-बनारस मेमू और बनारस-आरा मेमू समेत अन्य ट्रेनें भी प्रभावित हैं। 25 सितंबर की कुछ ट्रेनों पर भी नॉन-इंटरलॉकिंग कार्य का असर पड़ा है।
47 ट्रेनों का रूट डायवर्ट
रेलवे ने कई ट्रेनों को रद्द करने के बजाय वैकल्पिक मार्ग से चलाने का फैसला लिया है। इस सूची में लंबी दूरी की कई महत्वपूर्ण ट्रेनें शामिल हैं। डायवर्ट की गई प्रमुख ट्रेनों में अमृतसर-हावड़ा मेल, हावड़ा-विभूति एक्सप्रेस, पटना-जसीडीह एक्सप्रेस, पटना-दुमका एक्सप्रेस, ब्रह्मपुत्र मेल, महानंदा एक्सप्रेस, पटना-न्यू जलपाईगुड़ी वंदे भारत, पूर्वा एक्सप्रेस और बाघ एक्सप्रेस शामिल हैं। इसके अलावा सियालदह-बलिया एक्सप्रेस, आरा-न्यू जलपाईगुड़ी कैपिटल एक्सप्रेस और भागलपुर-आनंद विहार गरीब रथ का परिचालन भी बदले हुए मार्ग से किया जा रहा है।
मोकामा और बाढ़ जैसे स्टेशनों पर भी असर
रूट डायवर्ट होने के कारण सिर्फ यात्रा मार्ग ही नहीं, बल्कि कई ट्रेनों के ठहराव पर भी असर पड़ा है। अमृतसर-हावड़ा मेल के बदले हुए रूट के कारण मोकामा में इसका निर्धारित ठहराव प्रभावित है। वहीं हावड़ा-विभूति एक्सप्रेस के मामले में मोकामा और बाढ़ जैसे स्टेशनों पर असर पड़ रहा है। पटना-न्यू जलपाईगुड़ी वंदे भारत को भी पटना से आगे वैकल्पिक मार्ग से चलाए जाने की जानकारी दी गई है। इसके अलावा ब्रह्मपुत्र मेल, महानंदा एक्सप्रेस, जयनगर गरीब रथ, पूर्वा एक्सप्रेस, बाघ एक्सप्रेस, कैपिटल एक्सप्रेस, मौर्य एक्सप्रेस, पूर्वांचल एक्सप्रेस और पटना-धनबाद एक्सप्रेस के संचालन में भी बदलाव किया गया है।
1959 से सेवा दे रहा है राजेंद्र पुल
गंगा नदी पर बना राजेंद्र पुल बिहार के महत्वपूर्ण रेल और सड़क संपर्क मार्गों में से एक है। करीब 1.9 किलोमीटर लंबा यह रेल-कम-रोड पुल वर्ष 1959 से चालू है और मोकामा को बरौनी से जोड़ता है। पुराने पुल पर केवल एक रेल लाइन है। मौजूदा पुल को डबल रेल लाइन में बदलना संभव नहीं होने के कारण इसके समानांतर नए डबल-लाइन रेल पुल की योजना तैयार की गई थी। भारतीय रेलवे ने वर्ष 2015-16 के रेल बजट में करीब 1491.47 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से इस समानांतर रेल पुल को मंजूरी दी थी। अब पुल का निर्माण पूरा होने के बाद इसे रेल नेटवर्क से जोड़ने का काम अंतिम चरण में है।
नया पुल शुरू होने से बढ़ेगी रेल क्षमता
नया डबल-लाइन पुल चालू होने के बाद इस रेलखंड की क्षमता बढ़ाने में मदद मिलेगी। पुराने पुल की एकल रेल लाइन पर निर्भरता कम होगी और भविष्य में अधिक ट्रेनों के संचालन के लिए बेहतर बुनियादी ढांचा उपलब्ध हो सकेगा। यह पुल अपर हाथीदह जंक्शन, रामपुर डुमरा, दिनकर ग्राम सिमरिया और बरौनी जंक्शन को जोड़ने वाले रेल नेटवर्क के लिए भी महत्वपूर्ण है।
यात्रियों के लिए जरूरी सलाह
अगर आपकी यात्रा 25 या 26 सितंबर को है तो ट्रेन का स्टेटस चेक किए बिना स्टेशन के लिए न निकलें। यात्रियों को खासतौर पर इन बातों का ध्यान रखना चाहिए:
- टिकट होने का मतलब यह नहीं है कि ट्रेन अपने निर्धारित रूट पर ही चलेगी।
- अपनी ट्रेन के रद्द या डायवर्ट होने की जानकारी पहले जांच लें।
- रूट बदलने पर कुछ स्टेशनों पर ठहराव नहीं भी हो सकता है।
- पटना, मोकामा, बरौनी, बाढ़, जयनगर, भागलपुर और मुजफ्फरपुर रूट के यात्रियों को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए।
- यात्रा से पहले रेलवे की ताजा सूचना और ट्रेन रनिंग स्टेटस जरूर देखें।
राजेंद्र पुल पर नॉन-इंटरलॉकिंग का काम पूरा होने के बाद नए समानांतर डबल-लाइन पुल को रेल नेटवर्क से जोड़ दिया जाएगा। इससे इस महत्वपूर्ण रेलखंड पर ट्रेनों के संचालन की क्षमता बढ़ाने में मदद मिलेगी। फिलहाल यात्रियों के लिए सबसे जरूरी है कि वे अपनी ट्रेन की ताजा स्थिति देखकर ही यात्रा की योजना बनाएं।




