प्रकृति और संस्कृति की रक्षा के लिए एकजुट हो : हरिनाथ साहू

सुकुरहुटू हथिया पत्थर के समीप जुटे ग्रामीण, सामाजिक एकता और अपनी सांस्कृतिक विरासत की रक्षा का लिया प्रण रांची: सुकुरहुटू ट्रांसपोर्ट नगर स्थित हथिया पत्थर के समीप करमा डाईर जतरा का भव्य आयोजन हुआ। पारंपरिक उल्लास और सांस्कृतिक रंगों से सजे आयोजन में बड़ी संख्या

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  • सुकुरहुटू हथिया पत्थर के समीप जुटे ग्रामीण, सामाजिक एकता और अपनी सांस्कृतिक विरासत की रक्षा का लिया प्रण

रांची: सुकुरहुटू ट्रांसपोर्ट नगर स्थित हथिया पत्थर के समीप करमा डाईर जतरा का भव्य आयोजन हुआ। पारंपरिक उल्लास और सांस्कृतिक रंगों से सजे आयोजन में बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने भाग लिया। जतरा के माध्यम से सभ्यता, संस्कृति, प्रकृति तथा जल-जमीन की रक्षा के साथ सामाजिक एकता मजबूत करने का संकल्प लिया गया।

कार्यक्रम की अध्यक्षता पंचायत की मुखिया अनीता मुंडा ने की, जबकि मंच संचालन मनेश महतो ने किया। मुख्य अतिथि लोकहित अधिकार पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष हरिनाथ साहू रहे। कार्यक्रम में पूर्व मुखिया रीना देवी मुंडा, वार्ड पार्षद आरती तिर्की, झारखंड प्रदेश तैलिक साहू महासभा के प्रदेश अध्यक्ष महेश महतो, शिक्षाविद् एवं समाजसेवी राज किशोर साहू, वनिता मेहता, मीना देवी, अनीता तिर्की, नेहा ठाकुर, शिखा देवी, कपिल साहू, मुकुल नायक और प्रेम कुमार सहित कई लोग मौजूद रहे।

‘प्रकृति और संस्कृति की रक्षा के लिए एकजुट हों’

जतरा के शुभारंभ पर हरिनाथ साहू ने आयोजन समिति के पदाधिकारियों और सदस्यों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि ऐसे पारंपरिक आयोजन समाज को अपनी जड़ों से जोड़ने के साथ सामाजिक एकता का संदेश देते हैं। उन्होंने जल, जमीन, प्रकृति, संस्कृति और पारंपरिक विरासत की रक्षा के लिए सामूहिक प्रयास की आवश्यकता पर जोर दिया।

साहू ने आरोप लगाते हुए कहा कि कांके क्षेत्र में आदिवासी, सरना, भूईंहरी और सरकारी जमीन को लेकर अवैध खरीद-बिक्री की शिकायतें सामने आती रही हैं। उन्होंने दावा किया कि कुछ मामलों में जमीन माफिया और अधिकारियों की मिलीभगत से कथित रूप से फर्जी दस्तावेज तैयार किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए, ताकि स्थानीय लोगों के भूमि अधिकार सुरक्षित रह सकें।

सामाजिक न्याय का दिया संदेश

उन्होंने कहा कि करमा डाईर जतरा केवल मनोरंजन या उत्सव का अवसर नहीं, बल्कि अपनी सभ्यता और सांस्कृतिक पहचान को जीवंत रखने का माध्यम भी है। उन्होंने लोगों से सामाजिक न्याय, आपसी भाईचारे और प्रकृति संरक्षण के लिए मिलकर काम करने का आह्वान किया।

आयोजन को सफल बनाने में अनीता मुंडा, सोनी मुंडा, सरिता मुंडा, पंकज मुंडा, फागू मुंडा, पच्चू मुंडा, विकास मुंडा, विष्णु प्रजापति, दिनेश महतो, जलेश्वर प्रजापति, अनूप मुंडा, संदीप मुंडा, अमित मुंडा और तीर्थनाथ महतो सहित आयोजन समिति के सदस्यों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

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