- नाबालिग छात्र पर दूसरे नाबालिग से जबरदस्ती का आरोप, पॉक्सो के तहत प्राथमिकी; हॉस्टल की सुरक्षा व्यवस्था और प्रबंधन की भूमिका पर उठे सवाल
Ranchi : राजधानी के एक आवासीय विद्यालय के हॉस्टल में एक नाबालिग छात्र के साथ कथित यौन उत्पीड़न का मामला सामने आया है। आरोप उसी विद्यालय में पढ़ने वाले एक अन्य नाबालिग छात्र पर लगाया गया है। घटना के बाद परिजनों की शिकायत पर पुलिस ने पॉक्सो अधिनियम के तहत प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। दोनों नाबालिगों की पहचान कानूनन गोपनीय रखी जा रही है।
रात में घटना होने का आरोप
पुलिस में दर्ज शिकायत के अनुसार, घटना 21 सितंबर की रात हॉस्टल परिसर में होने का आरोप है। शिकायतकर्ता के अनुसार, आरोपी छात्र ने पीड़ित छात्र को डराया-धमकाया और उसके साथ जबरदस्ती की। घटना के बाद बच्चा भयभीत हो गया था।
यह विवरण फिलहाल शिकायत में लगाए गए आरोपों पर आधारित है। इसकी स्वतंत्र पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।
अगले दिन परिजनों को दी जानकारी
परिजनों के अनुसार, अगले दिन पीड़ित छात्र ने फोन के माध्यम से रोते हुए उन्हें घटना की जानकारी दी। इसके बाद परिजन विद्यालय पहुंचे और मामले की जानकारी पुलिस को दी। पुलिस ने शिकायत के आधार पर प्राथमिकी दर्ज कर जांच आगे बढ़ाई।
पुलिस ने शुरू की जांच
पिठोरिया थाना में दर्ज प्राथमिकी में पॉक्सो अधिनियम की संबंधित धाराएं लगाई गई हैं। पुलिस के अनुसार, मामले की जांच की जा रही है और घटना से जुड़े तथ्यों, परिस्थितियों तथा संबंधित लोगों की भूमिका की पड़ताल की जा रही है। चूंकि आरोपी भी नाबालिग है, इसलिए उसके संबंध में किशोर न्याय कानून के अनुरूप प्रक्रिया अपनाई जा रही है।
हॉस्टल प्रबंधन की भूमिका भी जांच के दायरे में
परिजनों ने आरोप लगाया है कि घटना के संबंध में उन्हें तत्काल सूचना नहीं दी गई। इसे लेकर हॉस्टल की निगरानी व्यवस्था और प्रबंधन की भूमिका पर सवाल उठाए गए हैं। पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि घटना की जानकारी स्कूल प्रबंधन को कब हुई और उसके बाद क्या कदम उठाए गए।
विद्यालय प्रबंधन की ओर से घटना और लगाए गए आरोपों पर आधिकारिक पक्ष सामने आने के बाद ही उसकी भूमिका के संबंध में कोई निष्कर्ष निकाला जा सकेगा।
मान्यता को लेकर भी उठे सवाल
मामले के बीच विद्यालय की शैक्षणिक मान्यता को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं। शिकायत और उपलब्ध जानकारी में विद्यालय में सीबीएसई पाठ्यक्रम से पढ़ाई कराए जाने की बात कही गई है, जबकि सीबीएसई मान्यता को लेकर स्थिति स्पष्ट किए जाने की जरूरत है। इस संबंध में संबंधित प्राधिकरण से आधिकारिक पुष्टि महत्वपूर्ण होगी।
बच्चों की सुरक्षा पर फिर गंभीर सवाल
घटना ने आवासीय विद्यालयों में बच्चों की सुरक्षा, हॉस्टल में निगरानी, वार्डन की जवाबदेही और किसी घटना की जानकारी मिलने पर तत्काल अभिभावकों तथा पुलिस को सूचना देने की व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। अभिभावकों की मांग है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच के साथ हॉस्टल की सुरक्षा व्यवस्था की भी समीक्षा की जाए।




