बहराइच। उत्तर प्रदेश के बहराइच जिले से एक बार फिर रोंगटे खड़े कर देने वाली घटना सामने आई है। फखरपुर थाना क्षेत्र के रसूलपुर गांव में रात करीब चार बजे एक जंगली जानवर, संभवतः भेड़िया, घर में घुसकर सो रहे तीन वर्षीय मासूम अंशु को उठा ले गया। बच्चे की मां ने उसे बचाने की कोशिश की और पीछे-पीछे दौड़ी भी, लेकिन अंधेरे और भयावह हालात के कारण बच्चे को नहीं बचाया जा सका।
घटना के बाद गांव में अफरा-तफरी मच गई। बच्चे की चीख-पुकार सुनकर ग्रामीण लाठी-डंडे लेकर खेतों और जंगल की ओर दौड़े। करीब चार घंटे तक तलाश के बावजूद बच्चे का कोई सुराग नहीं मिल सका। सूचना मिलने पर पुलिस और वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और सर्च ऑपरेशन शुरू किया गया।
बताया जा रहा है कि यह इलाका कैसरगंज क्षेत्र से सटा हुआ है, जहां बीते चार महीनों से आदमखोर भेड़ियों का आतंक बना हुआ है। अब तक इस क्षेत्र में नौ मासूम बच्चों समेत 11 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि करीब तीन दर्जन लोग घायल हुए हैं। वन विभाग की टीम अब तक छह आदमखोर भेड़ियों को मार गिरा चुकी है, लेकिन आशंका जताई जा रही है कि अभी भी एक या अधिक भेड़िए इलाके में सक्रिय हो सकते हैं।
घटना के बाद ग्रामीणों में भारी दहशत का माहौल है। लोगों का कहना है कि वे अपने बच्चों की सुरक्षा को लेकर बेहद भयभीत हैं और रात में चैन की नींद सो पाना मुश्किल हो गया है। वहीं, वन विभाग के एक अधिकारी ने घटना को लेकर पीड़ित परिवार की लापरवाही की बात कही, जिस पर ग्रामीणों ने नाराजगी जताई। ग्रामीणों का कहना है कि कच्चे और फूस के घरों में रह रहे लोगों के लिए पूरी तरह सुरक्षित इंतजाम करना आसान नहीं है।
अब सवाल यह है कि आखिर कब तक इस इलाके में जंगली जानवरों का आतंक खत्म होगा और कब ग्रामीण अपने बच्चों के साथ सुरक्षित जीवन जी पाएंगे।



