New Delhi : कांग्रेस नेताओं द्वारा सोशल मीडिया पर साझा किए गए एक एआई जनरेटेड वीडियो ने राष्ट्रीय राजनीति में नया विवाद खड़ा कर दिया है। वीडियो में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अंतरराष्ट्रीय मंचों पर चाय परोसते और केतली लिए हुए दिखाया गया है। भाजपा ने इसे पीएम की गरीब और ओबीसी पृष्ठभूमि का अपमान बताते हुए कांग्रेस पर तीखा हमला बोला है।
यह घटना 2014 लोकसभा चुनाव की याद दिलाती है, जब कांग्रेस नेता मणिशंकर अय्यर ने मोदी के चाय बेचने वाले अतीत पर टिप्पणी करते हुए कहा था कि “अगर नरेंद्र मोदी चाहें तो कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक में चाय बेचने आ सकते हैं।” उस बयान ने कांग्रेस को भारी नुकसान पहुंचाया था।
नया विवाद तब शुरू हुआ जब कांग्रेस की वरिष्ठ नेता रेणुका चौधरी और पार्टी की सोशल मीडिया प्रभारी रागिनी नायक ने अपने आधिकारिक एक्स (ट्विटर) हैंडल पर यह वीडियो साझा किया। वीडियो में एआई के माध्यम से पीएम मोदी को वैश्विक सम्मेलनों में चाय बेचते हुए दर्शाया गया है।
अब ई कौन किया बे 🥴🤣 pic.twitter.com/mbVsykXEgm
— Dr. Ragini Nayak (@NayakRagini) December 2, 2025
भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने इसे “कांग्रेस की पुरानी अभिजात्य मानसिकता” और “ओबीसी विरोधी सोच” का उदाहरण बताया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस एक गरीब परिवार से आए व्यक्ति को भारत का प्रधानमंत्री बनते हुए अब तक स्वीकार नहीं कर पाई है। पूनावाला ने कहा—
“नामदारों को यह हजम नहीं हो रहा कि एक कामदार देश का प्रधानमंत्री बन सकता है। इसलिए वे बार-बार उनका मजाक उड़ाते हैं।”
भाजपा ने यह भी आरोप लगाया कि कांग्रेस नेताओं द्वारा पहले भी पीएम मोदी और उनके परिवार पर 150 से अधिक बार व्यक्तिगत हमले किए जा चुके हैं।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि मोदी पर व्यक्तिगत और वर्ग-आधारित हमले अक्सर कांग्रेस पर उल्टा प्रभाव डालते रहे हैं। पीएम मोदी की संघर्षपूर्ण यात्रा, गरीबी में बीता बचपन और ओबीसी पहचान ने जनता के बीच उनके प्रति मजबूत भावनात्मक जुड़ाव बनाया है।
ऐसे में यह नया एआई वीडियो कांग्रेस के लिए चुनावी नुकसान का कारण बन सकता है, खासकर तब जब भाजपा इसे “कामदार बनाम नामदार” की बहस से जोड़कर जनता तक ले जा रही है।






