Latehar : झारखंड पुलिस ने नक्सल विरोधी अभियान के तहत बड़ी सफलता हासिल करते हुए 20 लाख रुपये के इनामी माओवादी और प्रतिबंधित संगठन के रीजनल कमेटी सदस्य रविंद्र गंझू की निशानदेही पर एक AK-56 राइफल, दो मैगजीन और 90 जिंदा कारतूस बरामद किए हैं। हथियार चंदवा थाना क्षेत्र के बांझीटोला गांव में एक बरगद के पेड़ के नीचे मिट्टी में छिपाकर रखे गए थे।
रविवार को आयोजित प्रेसवार्ता में पुलिस उपाधीक्षक (डीएसपी) संदीप कुमार गुप्ता ने बताया कि रविंद्र गंझू को 12 जुलाई को बांझीटोला गांव से गिरफ्तार किया गया था। गिरफ्तारी के बाद उसे पुलिस रिमांड पर लेकर गहन पूछताछ की गई, जिसमें उसने संगठन के हथियारों के ठिकाने सहित कई महत्वपूर्ण जानकारियां दीं।
पुलिस अधीक्षक कुमार गौरव के निर्देश पर गठित विशेष टीम ने रविंद्र गंझू की निशानदेही पर छापेमारी की। अभियान के दौरान बरगद के पेड़ के नीचे मिट्टी में छिपाकर रखी गई एक AK-56 राइफल, दो मैगजीन, 90 जिंदा कारतूस और एक पाउच बरामद किया गया।
डीएसपी ने बताया कि पूछताछ से मिले इनपुट के आधार पर पुलिस लगातार आगे की कार्रवाई कर रही है। रविंद्र गंझू के नेटवर्क, उसके सहयोगियों और संगठन के अन्य संभावित ठिकानों के संबंध में भी जांच जारी है। पुलिस को उम्मीद है कि आने वाले दिनों में इस मामले में और महत्वपूर्ण सफलताएं मिल सकती हैं।
पुलिस के अनुसार, रविंद्र गंझू झारखंड के विभिन्न जिलों में नक्सली हिंसा, हथियारबंद हमलों और अन्य उग्रवादी गतिविधियों से जुड़े 150 से अधिक मामलों में आरोपित है। उसकी गिरफ्तारी पर 20 लाख रुपये का इनाम घोषित था और वह लंबे समय से सुरक्षा एजेंसियों की वांछित सूची में शामिल था।
पुलिस ने रविंद्र गंझू की गिरफ्तारी और हथियारों की बरामदगी को नक्सल विरोधी अभियान की बड़ी सफलता बताया है। हालांकि, पुलिस का कहना है कि क्षेत्र में सक्रिय बचे हुए नक्सली तत्वों और उनके नेटवर्क को पूरी तरह ध्वस्त करने के लिए अभियान लगातार जारी रहेगा।



