बुढ़मू में लाल मिट्टी से बना सड़क बहा, जनता में गुस्सा

Budhmu : रांची जिले के बुढ़मू प्रखंड में जिस सड़क निर्माण को लेकर वर्षों से ग्रामीणों की उम्मीदें जुड़ी थीं, वह अब निराशा और गुस्से का कारण बन चुकी है। सिदरोल मोड़ से उमेडंडा कंडेर मोड़ तक, चकमें, ईचापीरी और बड़का मुरू गांवों को जोड़ने

बुढ़मू में लाल मिट्टी से बना सड़क बहा, जनता में गुस्सा
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Budhmu : रांची जिले के बुढ़मू प्रखंड में जिस सड़क निर्माण को लेकर वर्षों से ग्रामीणों की उम्मीदें जुड़ी थीं, वह अब निराशा और गुस्से का कारण बन चुकी है। सिदरोल मोड़ से उमेडंडा कंडेर मोड़ तक, चकमें, ईचापीरी और बड़का मुरू गांवों को जोड़ने वाली यह सड़क अब चलने लायक भी नहीं रही। जहां मजबूत मुरम और बालू की सतह होनी चाहिए थी, वहां सिर्फ लाल मिट्टी बिछाई गई, जो पहली ही बारिश में बह गई।

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गांव वालों का कहना है कि सड़क पर अब सिर्फ कीचड़, दलदल और फिसलन है। बाइक से चलना तो दूर, पैदल चलना भी खतरे से खाली नहीं है। बुजुर्ग, महिलाएं और बच्चे रोजाना इस दलदल में फंसकर परेशान हैं। यह सड़क अब विकास का प्रतीक नहीं, बल्कि भ्रष्टाचार की पहचान बन गई है।

निर्माण में भारी लापरवाही
इस निर्माण कार्य का ठेका पश्चिम बंगाल की मंडल स्टोन कंपनी को दिया गया था। आरोप है कि कंपनी ने प्राक्कलन और निर्माण मानकों को ताक पर रखकर सिर्फ लाल मिट्टी से सड़क की भराई कर दी। अफसरों की निगरानी का पूरी तरह अभाव रहा। पूर्व कनीय अभियंता आदर्श कृष्णा ने खुद माना कि अब तक किसी भी कार्यपालक अभियंता की नियुक्ति नहीं की गई है, जिससे कंपनी को बेलगाम होकर काम करने की खुली छूट मिल गई।

अब गांव वालों का गुस्सा फूट पड़ा है। सड़क की दुर्दशा देखकर लोगों ने तीन बड़े सवाल प्रशासन से पूछे हैं:

  • क्या मंडल स्टोन कंपनी पर कोई कड़ी कार्रवाई होगी?
  • निर्माण कार्य की अनदेखी करने वाले विभागीय अफसरों पर कौन जिम्मेदार ठहराया जाएगा?
  • क्या ग्रामीणों को अब एक मजबूत और टिकाऊ सड़क मिलेगी?

जनता का हक या प्रशासन की चुप्पी?
बुढ़मू के ग्रामीण अब चुप नहीं हैं। उनका कहना है कि जब विकास के नाम पर लूट होगी, तो सवाल तो उठेंगे ही। सड़क की हर तस्वीर बोल रही है कि जवाबदेही पूरी तरह बह चुकी है। अब ग्रामीण मांग कर रहे हैं कि सरकार तत्काल जांच कर सड़कों की मरम्मत कराए और जिम्मेदारों पर कार्रवाई हो।

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