Bagmati River Flood: नेपाल के जल अधिग्रहण क्षेत्र और बिहार के कई हिस्सों में लगातार हो रही बारिश का असर अब बागमती नदी के जलस्तर पर साफ दिखाई देने लगा है। पिछले तीन दिनों से जारी बारिश के बीच शनिवार सुबह शिवहर में बागमती नदी का पानी खतरे के निशान को पार कर गया। डुब्बाघाट स्थित गेज पर नदी का जलस्तर 61.48 मीटर दर्ज किया गया, जबकि यहां खतरे का निशान 61.28 मीटर है। बढ़ते जलस्तर और नदी की तेज धार को देखते हुए शिवहर जिला प्रशासन ने निगरानी बढ़ा दी है। तटबंधों के साथ नदी के आसपास के संवेदनशील इलाकों पर भी अधिकारियों की नजर है। लगातार बारिश जारी रहने पर जलस्तर में और बढ़ोतरी की आशंका को देखते हुए प्रशासन को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।
डुब्बाघाट में खतरे के निशान से ऊपर पहुंचा पानी
शिवहर के डुब्बाघाट में बागमती नदी के लिए खतरे का निशान 61.28 मीटर निर्धारित है। शनिवार सुबह नदी का जलस्तर 61.48 मीटर रिकॉर्ड किया गया। यानी रिकॉर्ड किए गए स्तर के हिसाब से नदी खतरे के निशान से करीब 20 सेंटीमीटर ऊपर थी। स्थानीय रिपोर्टों में नदी के करीब 13 सेंटीमीटर ऊपर बहने का भी उल्लेख किया गया है। इस सीजन में बागमती के जलस्तर का यह अब तक का सबसे ऊंचा स्तर बताया जा रहा है। नदी का पानी बढ़ने के साथ उसकी धार भी तेज हुई है। इससे नदी किनारे रहने वाले लोगों में चिंता बढ़ गई है।
नेपाल में बारिश का भी बागमती पर असर
बागमती नदी के बढ़ते जलस्तर के पीछे बिहार के साथ-साथ नेपाल के जल अधिग्रहण क्षेत्र में हो रही बारिश को भी अहम वजह माना जा रहा है। ऊपरी इलाकों में लगातार बारिश होने के कारण नदी में पानी का प्रवाह बढ़ रहा है। पिछले तीन दिनों से बिहार के कई हिस्सों में बारिश का दौर जारी है। इसी दौरान बागमती का जलस्तर भी लगातार ऊपर जाता रहा। शनिवार सुबह तक नदी लाल निशान पार कर चुकी थी। अगर ऊपरी जलग्रहण क्षेत्रों में बारिश का सिलसिला जारी रहता है, तो शिवहर में बागमती के जलस्तर पर इसका असर आगे भी देखने को मिल सकता है।
शिवहर जिला प्रशासन अलर्ट मोड में
बागमती के खतरे के निशान से ऊपर पहुंचने के बाद जिला प्रशासन ने निगरानी और सतर्कता बढ़ा दी है। जिलाधिकारी प्रतिभा रानी ने संबंधित अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में मौजूद रहने और लगातार स्थिति पर नजर रखने का निर्देश दिया है। प्रशासन की प्राथमिकता फिलहाल नदी के जलस्तर और तटबंधों की स्थिति पर नजर बनाए रखना है। अधिकारियों को किसी भी तरह की समस्या सामने आने पर तत्काल सूचना देने और जरूरत पड़ने पर कार्रवाई के लिए तैयार रहने को कहा गया है।
तटबंधों की स्थिति पर भी नजर
लगातार बारिश के कारण जमीन में नमी बढ़ने के साथ नदी का दबाव भी बढ़ सकता है। ऐसे में प्रशासन की नजर विशेष रूप से तटबंधों और नदी के किनारे बसे संवेदनशील इलाकों पर है। अधिकारियों को क्षेत्र में भ्रमण करते रहने तथा किसी भी तरह की समस्या की जानकारी तत्काल वरिष्ठ अधिकारियों तक पहुंचाने के निर्देश दिए गए हैं।
नदी किनारे रहने वाले लोग रहें सावधान
बागमती के खतरे के निशान से ऊपर पहुंचने के बाद नदी किनारे रहने वाले लोगों के लिए सतर्क रहना जरूरी है। प्रशासन की ओर से लोगों को नदी के आसपास अनावश्यक रूप से नहीं जाने और जलस्तर में बदलाव पर नजर रखने की सलाह दी जा रही है। खासकर बच्चों और अन्य लोगों को नदी की तेज धार के पास जाने से बचना चाहिए। बारिश और नदी के जलस्तर में लगातार बदलाव की स्थिति में स्थानीय प्रशासन की ओर से जारी सूचना को प्राथमिकता देना जरूरी होगा।
आने वाले घंटों में जलस्तर पर रहेगी नजर
शिवहर में बागमती का बढ़ता पानी ऐसे समय में चिंता बढ़ा रहा है, जब बिहार के कई हिस्सों में लगातार बारिश और नदियों के बढ़ते जलस्तर की स्थिति बनी हुई है। फिलहाल प्रशासन की नजर बागमती के जलस्तर पर बनी हुई है। आने वाले घंटों में नदी का पानी बढ़ता है या स्थिर होता है, यह काफी हद तक मौसम और नेपाल के जल अधिग्रहण क्षेत्र में होने वाली बारिश पर निर्भर करेगा। जिला प्रशासन ने स्थिति पर लगातार नजर रखने का दावा किया है और अधिकारियों को किसी भी संभावित परिस्थिति से निपटने के लिए तैयार रहने को कहा गया है।




