Cyber Fraud रोकने के लिए Police और Banks में बेहतर तालमेल जरूरी: CS

उत्तराखंड के मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने साइबर और वित्तीय फ्रॉड की रोकथाम के लिए पुलिस व बैंकों के बीच बेहतर समन्वय, प्रशिक्षण और त्वरित कार्रवाई पर जोर दिया। Dehradun : मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन की अध्यक्षता में मंगलवार को पुलिस विभाग और बैंकों के

Cyber Fraud रोकने के लिए Police और Banks में बेहतर तालमेल जरूरी: CS
  • उत्तराखंड के मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने साइबर और वित्तीय फ्रॉड की रोकथाम के लिए पुलिस व बैंकों के बीच बेहतर समन्वय, प्रशिक्षण और त्वरित कार्रवाई पर जोर दिया।

Dehradun : मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन की अध्यक्षता में मंगलवार को पुलिस विभाग और बैंकों के साथ साइबर एवं वित्तीय फ्रॉड की रोकथाम और लंबित मामलों के त्वरित निस्तारण को लेकर समन्वय बैठक हुई। बैठक में साइबर और वित्तीय अपराधों में पिछले 3-4 वर्षों में हुई वृद्धि को गंभीरता से लेते हुए प्रभावी रोकथाम और मामलों के शीघ्र निस्तारण पर जोर दिया गया।

मुख्य सचिव ने कहा कि साइबर एवं वित्तीय फ्रॉड की रोकथाम के लिए पुलिस और बैंकों के बीच बेहतर सामंजस्य और त्वरित सूचना-साझाकरण जरूरी है। उन्होंने बैंकों के साथ होने वाली बैठकों में साइबर और वित्तीय फ्रॉड को स्थायी एजेंडा के रूप में शामिल कर नियमित समीक्षा और प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

बैंक अधिकारियों और कर्मचारियों को मिलेगा प्रशिक्षण

मुख्य सचिव ने कहा कि साइबर फ्रॉड की रोकथाम में बैंकों की सक्रिय भागीदारी जरूरी है। इसके लिए बैंक अधिकारियों और कर्मचारियों को नियमित प्रशिक्षण दिलाने पर जोर दिया गया।

उन्होंने पुलिस विभाग को बैंक अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करने तथा साइबर फ्रॉड के मामलों में पुलिस और बैंकिंग संस्थानों के बीच समन्वित एवं त्वरित कार्रवाई की व्यवस्था को और मजबूत करने के निर्देश दिए।

पीड़ितों को धनराशि बहाली में मिले मदद

मुख्य सचिव ने साइबर फ्रॉड के मामलों में होल्ड की गई धनराशि को रेस्टोरेबल प्रक्रिया में लाने और इसकी सूचना संबंधित पीड़ित को उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दिया। इससे पीड़ित आवश्यक प्रक्रिया पूरी कर धनराशि की बहाली के लिए आवेदन कर सकेंगे।

उन्होंने बैंकों में ग्रीवांस रिड्रेसल मॉड्यूल (GRM) को प्रभावी बनाने और शिकायतों का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही, बैंकों को मामलों का स्वतः संज्ञान लेकर पीड़ितों के हित में आवश्यक कार्रवाई करने की जरूरत बताई।

म्यूल अकाउंट्स की पहचान के लिए चलेगा अभियान

मुख्य सचिव ने साइबर अपराधों में इस्तेमाल होने वाले म्यूल अकाउंट्स की पहचान और रोकथाम के लिए विशेष अभियान चलाने पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि पुलिस और बैंक आपसी समन्वय से ऐसे खातों की पहचान करें और नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करें।

उन्होंने राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति की बैठकों में साइबर एवं वित्तीय फ्रॉड से जुड़े मामलों को नियमित एजेंडा में शामिल करने के निर्देश दिए। साथ ही लंबित मामलों की समीक्षा कर उनका शीघ्र निस्तारण सुनिश्चित करने को कहा।

समन्वय और जवाबदेही पर जोर

मुख्य सचिव ने स्पष्ट किया कि साइबर एवं वित्तीय अपराधों की रोकथाम के लिए पुलिस विभाग, बैंकिंग संस्थानों और अन्य संबंधित विभागों के बीच निरंतर समन्वय, सूचना-साझाकरण और जवाबदेही जरूरी है।

उन्होंने कहा कि समन्वित प्रयासों से ही साइबर फ्रॉड पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया जा सकता है और पीड़ितों को जल्द राहत के साथ उनकी धनराशि की बहाली सुनिश्चित की जा सकती है।

बैठक में सचिव शैलेश बगौली, आईजी डॉ. नीलेश आनंद भरणे, अपर सचिव गृह तृप्ति भट्ट सहित प्रदेश के सभी बैंकों के प्रतिनिधि मौजूद रहे।

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