स्वास्थ्य विभाग का बड़ा फैसला, सरकारी एम्बुलेंस अब सीधे सरकारी अस्पताल ही ले जाएंगी मरीज

बिलासपुर: जिले में एम्बुलेंस चालकों और निजी अस्पतालों के बीच कथित कमीशनखोरी और साठगांठ का मामला एक बार फिर चर्चा में है। एक गंभीर घटना में कोरिया जिले की एक घायल आदिवासी महिला की निजी अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई, जिसके बाद

स्वास्थ्य विभाग का बड़ा फैसला, सरकारी एम्बुलेंस अब सीधे सरकारी अस्पताल ही ले जाएंगी मरीज

बिलासपुर: जिले में एम्बुलेंस चालकों और निजी अस्पतालों के बीच कथित कमीशनखोरी और साठगांठ का मामला एक बार फिर चर्चा में है। एक गंभीर घटना में कोरिया जिले की एक घायल आदिवासी महिला की निजी अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई, जिसके बाद पूरे मामले पर सवाल उठने लगे हैं।

घायल महिला को सरकारी अस्पताल की बजाय निजी अस्पताल ले जाया गया

जानकारी के अनुसार, कोरिया जिले की रहने वाली एक आदिवासी महिला पेड़ से गिरने के कारण गंभीर रूप से घायल हो गई थी। उसे उपचार के लिए मध्य प्रदेश के शहडोल अस्पताल लाया गया था।

आरोप है कि इसके बाद महिला और उसके परिजनों को बिना पर्याप्त जानकारी दिए बिलासपुर के तोरवा स्थित एक निजी अस्पताल ले जाया गया। आरोप है कि समय पर उचित उपचार नहीं मिलने के कारण महिला की मौत हो गई।

एम्बुलेंस और निजी अस्पतालों की भूमिका पर उठे सवाल

इस घटना के बाद एम्बुलेंस चालकों और निजी अस्पतालों के बीच कथित सांठगांठ को लेकर सवाल उठ रहे हैं। आरोप है कि मरीज को बिलासपुर के सरकारी अस्पतालों—सिम्स या जिला अस्पताल—ले जाने के बजाय निजी अस्पताल पहुंचाया गया।

हालांकि, इन आरोपों की आधिकारिक जांच और पुष्टि अभी बाकी है।

CMHO ने जारी किए सख्त निर्देश

मामले के सामने आने के बाद मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) डॉ. शुभा गरेवाल ने सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि जिले में संचालित 108 और 102 एम्बुलेंस सेवाओं के चालकों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि वे गंभीर मरीजों को पहले सरकारी अस्पतालों—सिम्स या जिला अस्पताल—में ही पहुंचाएं।

उन्होंने कहा कि किसी भी सरकारी एम्बुलेंस को मरीजों को सीधे निजी अस्पताल ले जाने की अनुमति नहीं होगी और न ही सरकारी अस्पतालों से मरीजों को निजी अस्पतालों में रेफर किया जाएगा।

नियमों के उल्लंघन पर होगी कार्रवाई

सीएमएचओ ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग ने जिले के सभी सरकारी अस्पतालों को भी आवश्यक निर्देश जारी कर दिए हैं। साथ ही 108 और 102 एम्बुलेंस चालकों को नोटिस जारी किए जा रहे हैं।

उन्होंने चेतावनी दी कि यदि कोई चालक नियमों का उल्लंघन करते हुए मरीजों को निजी अस्पताल ले जाता पाया गया, तो उसके खिलाफ नियमानुसार कड़ी प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी।

स्वास्थ्य विभाग ने कहा कि मरीजों के हितों की सुरक्षा और सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए पूरे मामले की निगरानी की जा रही है।

WhatsApp Group जुड़ने के लिए क्लिक करें 👉 Join Now
Facebook
X
Threads
WhatsApp
Telegram
संबंधित खबरें.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

अभी-अभी.