- पटना के अधिवेशन भवन में बिहार SDG कॉन्क्लेव 2026 का उद्घाटन करते हुए उद्योग मंत्री श्रेयसी सिंह ने राज्य के विकास का आह्वान किया। बिहार का SDG स्कोर 48 से बढ़कर 57 हो गया है।
Patna : राजधानी पटना के अधिवेशन भवन में गुरुवार को ‘बिहार एसडीजी कॉन्क्लेव 2026’ का आयोजन किया गया। योजना एवं विकास विभाग और यूनिसेफ के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित दो दिवसीय सम्मेलन का उद्घाटन उद्योग सह खेल विभाग की मंत्री श्रेयसी सिंह ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया।
इस अवसर पर श्रेयसी सिंह ने सतत विकास लक्ष्यों से संबंधित पुस्तक का विमोचन किया। उन्होंने अर्थ एवं सांख्यिकी निदेशालय की नई वेबसाइट और अत्याधुनिक ‘डेटा लैब’ का भी शुभारंभ किया।
हर बिहारी का लक्ष्य बिहार को आगे बढ़ाना हो
सम्मेलन को संबोधित करते हुए उद्योग मंत्री श्रेयसी सिंह ने कहा कि प्रत्येक बिहारी का एकमात्र संकल्प राज्य को प्रगति के पथ पर आगे ले जाने का होना चाहिए। उन्होंने कहा कि सही नीयत और सटीक नीतियों से ही जिलों और राज्य का समग्र विकास संभव है।
उन्होंने कहा कि जब बिहार समृद्ध होगा, तभी भारत विकसित होगा। महिला सशक्तीकरण का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की नीतियों के कारण आज पुलिस बल से लेकर विभिन्न प्रशासनिक और तकनीकी क्षेत्रों में महिलाएं अग्रणी भूमिका निभा रही हैं।
उद्योग मंत्री ने भरोसा जताया कि राज्य में औद्योगिक निवेश को बढ़ावा देकर आने वाले दिनों में कई बड़े उद्योग स्थापित किए जाएंगे।
20 वर्षों में ग्रामीण कनेक्टिविटी और बुनियादी ढांचे में बदलाव
बिहार के विकास आयुक्त मिहिर कुमार सिंह ने कहा कि पिछले दो दशकों में बिहार की तस्वीर पूरी तरह बदल चुकी है। उन्होंने कहा कि आज बिहार की ग्रामीण सड़कें देश के कई अन्य राज्यों की तुलना में बेहतर हैं, जिससे ग्रामीण उत्पाद तेजी से शहरी मंडियों तक पहुंच रहे हैं।
उन्होंने कहा कि राज्य में एक्सप्रेस-वे, सड़क और रेल नेटवर्क का तेजी से विस्तार हुआ है। गांवों में निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की गई है।
प्रधानमंत्री आर्थिक सलाहकार परिषद की सदस्य प्रो. शमिका रवि ने कहा कि ‘विकसित बिहार’ के बिना ‘विकसित भारत’ की परिकल्पना पूरी नहीं हो सकती। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय जीडीपी ग्रोथ में बिहार का योगदान लगातार बढ़ रहा है और राज्य के ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों में उपभोग में तेज वृद्धि देखी गई है।
संयुक्त राष्ट्र के रेजिडेंट कोऑर्डिनेटर स्टीफन प्रीस्नर ने भी राज्य के सतत विकास प्रयासों की सराहना की।
बिहार का SDG स्कोर बढ़कर 57 हुआ
योजना एवं विकास विभाग की अपर मुख्य सचिव डॉ. एन विजय लक्ष्मी ने कहा कि केंद्र सरकार के ‘विकसित भारत 2047’ के लक्ष्य को हासिल करने के लिए सबसे पहले ‘विकसित बिहार 2037’ का लक्ष्य प्राप्त करना होगा।
उन्होंने बताया कि नीति आयोग के सतत विकास लक्ष्यों के तहत बिहार ने उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की है। वर्ष 2018-19 में 48 अंक वाला बिहार का समग्र SDG स्कोर बढ़कर अब 57 हो गया है।
राज्य ने कुल 11 सतत विकास लक्ष्यों में सकारात्मक प्रगति दर्ज की है।
छह क्षेत्रों में बिहार ‘फ्रंटरनर’ श्रेणी में पहुंचा
डॉ. एन विजय लक्ष्मी के अनुसार बिहार छह सतत विकास क्षेत्रों में ‘फ्रंटरनर’ श्रेणी में पहुंच गया है। इनमें स्वास्थ्य (SDG 3), स्वच्छ जल एवं स्वच्छता (SDG 6), स्वच्छ ऊर्जा (SDG 7), जिम्मेदार उपभोग (SDG 12), स्थलीय पारिस्थितिकी (SDG 15) और शांति व सशक्त संस्थाएं (SDG 16) शामिल हैं।
विशेष रूप से स्वच्छ जल एवं स्वच्छता यानी SDG 6 के क्षेत्र में बिहार ने 98 अंक हासिल किए हैं।
कार्यक्रम के अंत में यूनिसेफ की प्रतिनिधि डॉ. मोनिका नीलसन ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया।





