Ranchi: झारखंड कांग्रेस ने संगठन में एक महत्वपूर्ण नियुक्ति की है। वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर के पुत्र प्रशांत किशोर को झारखंड कांग्रेस के अनुसूचित जाति (SC) विभाग का प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया है। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) ने इस संबंध में 8 सितंबर 2026 को आधिकारिक आदेश जारी किया।
कांग्रेस अध्यक्ष की मंजूरी के बाद प्रशांत किशोर की नियुक्ति तत्काल प्रभाव से लागू कर दी गई है। नई जिम्मेदारी के साथ अब उनके सामने प्रदेश में एससी विभाग को मजबूत करने और पार्टी के संगठनात्मक कार्यक्रमों को आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी होगी।
AICC ने जारी किया नियुक्ति आदेश
कांग्रेस के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल की ओर से 8 सितंबर को नियुक्ति संबंधी आदेश जारी किया गया। आदेश में प्रशांत किशोर को झारखंड कांग्रेस के एससी विभाग का प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त किए जाने की जानकारी दी गई है।
पार्टी नेतृत्व की मंजूरी के बाद यह नियुक्ति तत्काल प्रभाव से प्रभावी मानी जाएगी। इस जिम्मेदारी के जरिए कांग्रेस ने राज्य में अनुसूचित जाति वर्ग के बीच संगठन को और सक्रिय करने पर जोर दिया है।
झारखंड के साथ छत्तीसगढ़ में भी नियुक्ति
कांग्रेस ने केवल झारखंड में ही नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ में भी एससी विभाग के प्रदेश अध्यक्ष की नियुक्ति की है। छत्तीसगढ़ में निर्मल कोसरे को यह जिम्मेदारी सौंपी गई है।
इस तरह कांग्रेस ने दोनों राज्यों में एससी विभाग के संगठनात्मक नेतृत्व को लेकर नई नियुक्तियां की हैं।
झारखंड कांग्रेस के लिए क्यों अहम है नियुक्ति?
झारखंड की राजनीति में सामाजिक और क्षेत्रीय समीकरणों की अहम भूमिका रहती है। ऐसे में कांग्रेस की ओर से एससी विभाग के प्रदेश अध्यक्ष की नियुक्ति को संगठन के विस्तार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
प्रशांत किशोर को मिली जिम्मेदारी से अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि वह संगठन को किस तरह सक्रिय करते हैं और राज्य के अलग-अलग जिलों में एससी विभाग की गतिविधियों को कितनी मजबूती दे पाते हैं।
संगठन में नई जिम्मेदारी, बढ़ी राजनीतिक सक्रियता की उम्मीद
प्रशांत किशोर की नियुक्ति के बाद झारखंड कांग्रेस के एससी विभाग में नई गतिविधियां शुरू होने की उम्मीद है। पार्टी संगठन के स्तर पर नए नेतृत्व को जिम्मेदारी देकर आगामी राजनीतिक गतिविधियों के लिए अपना आधार मजबूत करने की कोशिश कर रही है।
अब प्रशांत किशोर के नेतृत्व में एससी विभाग किस रणनीति के साथ आगे बढ़ता है और राज्य में संगठन को किस तरह विस्तार देता है, इस पर राजनीतिक नजरें रहेंगी।


