भागलपुर में बाढ़ का कहर, सुल्तानगंज की 9 पंचायतों में घुसा पानी; राहत व्यवस्था पर ग्रामीणों में नाराजगी

भागलपुर के सुल्तानगंज की नौ पंचायतों में बाढ़ का पानी घुसा। चार पंचायतों में सामुदायिक किचन शुरू, ग्रामीणों ने राहत और पशु चारे की मांग की।
भागलपुर में बाढ़ का कहर, सुल्तानगंज की 9 पंचायतों में घुसा पानी
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Bhagalpur News: भागलपुर जिले के सुल्तानगंज प्रखंड की नौ पंचायतों में बाढ़ का पानी घुसने से जनजीवन प्रभावित हो गया है। कई इलाकों में पानी भरने के कारण लोगों को रोजमर्रा की जरूरतों के लिए परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का स्थानीय विधायक प्रोफेसर ललित नारायण मंडल और जिला परिषद सदस्य आशा जायसवाल ने जायजा लिया।

जनप्रतिनिधियों के निर्देश के बाद प्रशासन की ओर से प्रभावित इलाकों में आठ स्थानों पर सामुदायिक किचन शुरू किए गए हैं। इन रसोइयों के जरिए बाढ़ प्रभावित लोगों को भोजन उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है। हालांकि, राहत व्यवस्था को लेकर कई ग्रामीणों में असंतोष भी है।

नौ पंचायतें बाढ़ की चपेट में

ग्रामीणों के मुताबिक गनगनिया से लेकर किशनपुर पंचायत तक कुल नौ पंचायतों में बाढ़ का पानी पहुंच चुका है। निचले इलाकों में स्थिति ज्यादा गंभीर बताई जा रही है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि सभी प्रभावित क्षेत्रों में राहत व्यवस्था समान रूप से नहीं पहुंच पाई है। उनका आरोप है कि प्रशासन ने अभी गनगनिया, महेशी, मोतीचक और किशनपुर पंचायत में ही सामुदायिक किचन शुरू किया है।

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कई पंचायतों में भोजन का संकट

जिन प्रभावित पंचायतों में सामुदायिक किचन की सुविधा शुरू नहीं हुई है, वहां लोगों के सामने भोजन की समस्या बनी हुई है। बाढ़ के कारण सामान्य आवागमन प्रभावित होने से जरूरत की सामग्री जुटाना भी ग्रामीणों के लिए मुश्किल हो रहा है।

ग्रामीणों ने मांग की है कि सभी बाढ़ प्रभावित पंचायतों में तत्काल सामुदायिक किचन शुरू किए जाएं, ताकि बाढ़ के बीच लोगों को कम से कम भोजन की परेशानी न हो।

मवेशियों के लिए चारे का संकट

बाढ़ का असर सिर्फ लोगों तक सीमित नहीं है। निचले इलाकों में पानी भरने से पशुओं के लिए हरे चारे और अन्य जरूरी सामग्री की कमी हो गई है।

ग्रामीणों के अनुसार, कई परिवारों के पास मवेशी हैं और पानी भरने के कारण चारा उपलब्ध कराना चुनौती बन गया है। लोगों ने प्रशासन से पशु चारे की भी तत्काल व्यवस्था करने की मांग की है।

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ग्रामीणों ने प्रशासन से की राहत बढ़ाने की मांग

बाढ़ प्रभावित लोगों ने सरकार और जिला प्रशासन से राहत अभियान को और व्यापक करने की अपील की है। ग्रामीणों की प्रमुख मांगें हैं:

  • सभी नौ प्रभावित पंचायतों में सामुदायिक किचन शुरू किया जाए।
  • जरूरतमंद परिवारों को राहत सामग्री उपलब्ध कराई जाए।
  • बाढ़ प्रभावित इलाकों में भोजन की पर्याप्त व्यवस्था हो।
  • मवेशियों के लिए चारा उपलब्ध कराया जाए।
  • प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव कार्य तेज किया जाए।

जनप्रतिनिधियों ने लिया स्थिति का जायजा

बाढ़ की स्थिति को देखते हुए विधायक प्रोफेसर ललित नारायण मंडल और जिला परिषद सदस्य आशा जायसवाल ने प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया। उन्होंने स्थानीय लोगों से उनकी समस्याओं की जानकारी ली और राहत व्यवस्था को लेकर आवश्यक निर्देश दिए।

इसके बाद आठ स्थानों पर सामुदायिक किचन शुरू किए जाने की जानकारी सामने आई है। हालांकि, ग्रामीणों की मांग है कि राहत व्यवस्था को सभी नौ प्रभावित पंचायतों तक तत्काल पहुंचाया जाए।

बाढ़ के बीच राहत व्यवस्था बड़ी चुनौती

सुल्तानगंज प्रखंड में बाढ़ का पानी बढ़ने के साथ प्रशासन के सामने राहत और भोजन उपलब्ध कराने की चुनौती भी बढ़ गई है। ग्रामीणों की शिकायतों को देखते हुए अब जरूरी है कि प्रभावित पंचायतों में राहत व्यवस्था का समान रूप से विस्तार किया जाए।

फिलहाल स्थानीय लोग प्रशासन से जल्द राहत सामग्री, भोजन और पशु चारे की पर्याप्त व्यवस्था की उम्मीद कर रहे हैं, ताकि बाढ़ से प्रभावित परिवारों को कुछ राहत मिल सके।

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