Hazaribagh: शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज अस्पताल में व्याप्त अनियमितताओं को लेकर आवाज उठाने वाले भाजपा नेता अर्जुन साव को पुलिस ने शुक्रवार देर रात उनके घर से हिरासत में ले लिया। इस कार्रवाई के बाद राजनीतिक माहौल गरमा गया। भाजपा सांसद मनीष जायसवाल और विधायक प्रदीप प्रसाद सहित कई भाजपा नेता तुरंत सदर थाना पहुंचे और पुलिस की इस कार्रवाई का विरोध किया।
सांसद मनीष जायसवाल ने आरोप लगाया कि यह कार्रवाई पूरी तरह असंवैधानिक है। उन्होंने कहा कि अर्जुन साव को न कोई कानूनी नोटिस दिया गया और न ही किसी एफआईआर की जानकारी दी गई। सीधे उनके घर से रात में उन्हें उठाया गया। यह लोकतांत्रिक मूल्यों का उल्लंघन है और हेमंत सरकार की तानाशाही को दर्शाता है। उन्होंने राज्य सरकार और स्वास्थ्य विभाग पर गंभीर आरोप लगाए कि वे जनता की आवाज को दबाने की कोशिश कर रहे हैं।
विधायक प्रदीप प्रसाद ने भी कहा कि किसी अस्पताल में अनियमितता और लापरवाही की ओर जनता का ध्यान आकर्षित करना अपराध नहीं है। भाजपा कार्यकर्ताओं ने थाना परिसर के बाहर धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया और अर्जुन साव की तत्काल रिहाई की मांग की।
करीब चार घंटे तक चले धरने के बाद, जिसमें सांसद, विधायक और सैकड़ों कार्यकर्ता शामिल थे, पुलिस प्रशासन को झुकना पड़ा। अंततः अर्जुन साव को रिहा कर दिया गया। रिहाई के बाद धरना समाप्त किया गया। इस दौरान विधायक मनोज यादव भी मौके पर पहुंचे और पुलिस प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल उठाए।
इस घटनाक्रम ने हजारीबाग की राजनीति में हलचल पैदा कर दी है। भाजपा नेताओं ने साफ कहा कि वे आम जनता के मुद्दे उठाते रहेंगे और अगर कोई भी सत्ता पक्ष उन्हें दबाने की कोशिश करेगा, तो वे सड़क से सदन तक आंदोलन करेंगे।






