सिगरेट होगी और महंगी, सरकार ने लंबाई के हिसाब से तय किया टैक्स

New Delhi : धूम्रपान करने वालों के लिए बुरी खबर है। केंद्र सरकार ने तंबाकू उत्पादों, खासकर सिगरेट पर टैक्स व्यवस्था में बड़ा बदलाव करने का फैसला किया है। 1 फरवरी 2026 से सिगरेट की कीमत अब सिर्फ ब्रांड पर नहीं, बल्कि उसकी लंबाई के

सिगरेट होगी और महंगी, सरकार ने लंबाई के हिसाब से तय किया टैक्स
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New Delhi : धूम्रपान करने वालों के लिए बुरी खबर है। केंद्र सरकार ने तंबाकू उत्पादों, खासकर सिगरेट पर टैक्स व्यवस्था में बड़ा बदलाव करने का फैसला किया है। 1 फरवरी 2026 से सिगरेट की कीमत अब सिर्फ ब्रांड पर नहीं, बल्कि उसकी लंबाई के आधार पर तय की जाएगी। जीएसटी लागू होने के बाद यह तंबाकू टैक्स प्रणाली में सबसे बड़ा बदलाव माना जा रहा है।

सरकार ने स्पेसिफिक सेंट्रल एक्साइज ड्यूटी को फिर से सख्ती के साथ लागू करने का निर्णय लिया है। इसके तहत अब टैक्स प्रति 1,000 सिगरेट स्टिक के हिसाब से वसूला जाएगा, जिससे अलग-अलग कैटेगरी की सिगरेट महंगी हो जाएंगी।

🚬 लंबाई के अनुसार संभावित टैक्स स्लैब

  • 65 मिमी से छोटी बिना फिल्टर सिगरेट: ₹2.05 प्रति स्टिक

  • 65 मिमी से छोटी फिल्टर सिगरेट: ₹2.10 प्रति स्टिक

  • 65–70 मिमी (मिड-रेंज): ₹3.60 से ₹4.00 प्रति स्टिक

  • 70–75 मिमी: ₹5.40 प्रति स्टिक

  • 75 मिमी से अधिक (प्रीमियम): ₹8.50 या उससे अधिक प्रति स्टिक

गौरतलब है कि वर्ष 2017 में जीएसटी लागू होने के दौरान सिगरेट पर एक्साइज ड्यूटी लगभग खत्म कर दी गई थी, लेकिन अब इसे दोबारा प्रभावी रूप से लागू किया जा रहा है। नई एक्साइज ड्यूटी मौजूदा 18 प्रतिशत जीएसटी के अतिरिक्त होगी, जिससे सिगरेट पर कुल टैक्स बोझ करीब 53 प्रतिशत तक पहुंच सकता है।

🏥 सरकार के फैसले के पीछे तीन बड़े उद्देश्य

सरकार के अनुसार, इस फैसले के पीछे तीन प्रमुख कारण हैं—

  1. सार्वजनिक स्वास्थ्य: विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के मुताबिक तंबाकू उत्पादों की कीमत बढ़ाना धूम्रपान छुड़ाने का सबसे प्रभावी तरीका है।

  2. वैश्विक मानक: WHO की सिफारिश है कि तंबाकू उत्पादों की कीमत का कम से कम 75 प्रतिशत हिस्सा टैक्स होना चाहिए। भारत इस दिशा में आगे बढ़ रहा है।

  3. राजस्व में बढ़ोतरी: नए टैक्स ढांचे से सरकार को अतिरिक्त राजस्व मिलेगा, जिसका उपयोग स्वास्थ्य सेवाओं और जागरूकता अभियानों में किया जा सकेगा।

📉 धूम्रपान करने वालों पर सीधा असर

विशेषज्ञों का मानना है कि लंबाई आधारित टैक्स से प्रीमियम सिगरेट तो महंगी होंगी ही, साथ ही सस्ते ब्रांड भी अब पहले जैसे सस्ते नहीं रहेंगे। इसका सीधा असर धूम्रपान करने वालों की जेब पर पड़ेगा और कई लोग धूम्रपान कम करने या छोड़ने के लिए मजबूर हो सकते हैं।

यह नई टैक्स व्यवस्था 1 फरवरी 2026 से लागू होगी।

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